प्रणम्य शिरसा देवं...’संकष्टी चतुर्थी’ पर गजानन की ऐसे करें पूजा, प्रसन्न होंगे गौरीपुत्र
नई दिल्ली, 13 जून (आईएएनएस)। प्रणम्य शिरसा देवं गौरी पुत्र विनायकं... भूत और गण आदि के देव और उमा के पुत्र भक्तों के शोक का न केवल नाश करते हैं बल्कि विघ्न बाधा को भी खत्म करते हैं। बाबा विश्वनाथ के दिए वरदान के अनुसार जो कोई भी सर्वप्रथम गजानन की पूजा करता है, उसे किसी तरह की समस्याओं या बाधाओं का सामना नहीं करना पड़ता। 14 जून को ‘संकष्टी चतुर्थी’ है। गौरी पुत्र को प्रसन्न करने के लिए विशेष पूजन और पाठ का महात्म्य है।