श्री वराह लक्ष्मी नरसिम्हा स्वामी मंदिर: दो स्वरूपों में विराजमान हैं भगवान विष्णु, जानें क्यों साल भर लगा रहता है चंदन का लेप?

IANS | December 11, 2025 6:13 PM

नई दिल्ली, 11 दिसंबर (आईएएनएस)। भगवान विष्णु ने समय-समय पर पृथ्वी को बचाने और राक्षसों का संहार करने के लिए अलग-अलग अवतार लिए हैं। आइए भगवान विष्णु के वराह और नरसिंह अवतार के बारे में जानते हैं।

श्री प्रसन्नास वीरंजनेयस्वामी : भय, बाधा और नकारात्मकता से मुक्ति, दर्शन मात्र से मिलती कृपा

IANS | December 10, 2025 7:17 PM

नई दिल्ली, 10 दिसंबर (आईएएनएस)। देश में कई चमत्कारी मंदिर मौजूद हैं, जिनकी अपनी मान्यता और इतिहास है। पवनपुत्र हनुमान जी के देशभर में कई चमत्कारी मंदिर हैं, जो भूत-प्रेत बाधा से छुटकारा दिलाते हैं।

श्री चेन्नाकेशव स्वामी मंदिर: 103 साल में बनकर तैयार हुआ भगवान विष्णु को समर्पित ये मंदिर

IANS | December 10, 2025 7:04 PM

नई दिल्ली, 10 दिसंबर (आईएएनएस)। हर मंदिर का अपना विशिष्ट इतिहास और पूजनीय देवी-देवताओं की कहानी है। बेलूर में स्थित चेन्नाकेशव मंदिर ऐसा ही एक अद्भूत मंदिर है, जिसकी हर दीवार और स्तंभ अलग इतिहास और नक्काशी की गवाही देता है।

आज फिर रोशनी से जगमग होगी दिल्ली, यूनेस्को ने दीपावली को अमूर्त धरोहर किया घोषित, पीएम मोदी ने दी बधाई

IANS | December 10, 2025 12:35 PM

नई दिल्ली, 10 दिसंबर (आईएएनएस)। भारत के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है। रोशनी के त्योहार दीपावली को लेकर एक ऐसी जानकारी सामने आई है, जो पूरे भारत के लिए गर्व की बात है। दरअसल, यूनेस्को ने दीपावली को अमूर्त सांस्कृतिक धरोहर में शामिल किया है। विदेश मंत्रालय की तरफ से प्रतिक्रिया भी सामने आई है। वहीं, राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली में आज फिर से दीपावली को मनाया जाएगा।

क्यों हनुमान जी ने लिया था पंचमुखी अवतार? जानें इसके पीछे की कथा और महत्व

IANS | December 9, 2025 10:05 PM

नई दिल्ली, 9 दिसंबर (आईएएनएस)। पौराणिक कथाओं में हनुमान जी को शक्ति, भक्ति और साहस का प्रतीक माना गया है। लेकिन उनका पंचमुखी स्वरूप इन सब से भी अधिक चमत्कारी और दिव्य है। यह अवतार उस समय प्रकट हुआ, जब भगवान राम के जीवन पर एक घातक संकट आ गया था।

तुलसी माला : तन और मन दोनों रखे शुद्ध, जानें पहनने के नियम और चमत्कारिक लाभ

IANS | December 8, 2025 9:19 PM

नई दिल्ली, 8 दिसंबर (आईएएनएस)। हिंदू धर्म में तुलसी को बेहद पवित्र माना गया है। घर में तुलसी का पौधा हो या गले में तुलसी की माला, दोनों ही शुभता, शांति और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक हैं। शास्त्रों में कहा गया है कि भगवान विष्णु ने शालिग्राम का रूप इसलिए धारण किया था ताकि वे तुलसी के चरणों के पास रह सकें। यही कारण है कि तुलसी को रमाप्रिया कहा जाता है और वह खुद को भगवान की सेविका मानती हैं।

लक्ष्मी नरसिंह स्वामी मंदिर : यहां दर्शन मात्र से दुश्मनों का भय होता है खत्म

IANS | December 8, 2025 6:50 PM

नई दिल्ली, 8 दिसंबर (आईएएनएस)। हमारे देश में प्राचीन मंदिर होने के साथ-साथ धर्मनगरी भी मौजूद हैं, जिन्हें मोक्ष का धाम कहा जाता है। उत्तर भारत में काशी और दक्षिण भारत में धर्मपुरी है।

महाराष्ट्र के इस मंदिर में खेली जाती है हल्दी की होली, मणि के बिना भगवान मार्तंड भैरव के दर्शन अधूरे

IANS | December 8, 2025 6:34 PM

नई दिल्ली, 8 दिसंबर (आईएएनएस)। महाराष्ट्र के जेजुरी में स्थित खंडोबा मंदिर में हर साल दिसंबर के महीने में भक्त हल्दी की होली खेलते हैं। भक्त दूर-दूर से भगवान शिव के मार्तंड भैरव स्वरूप की पूजा करने के लिए आते हैं। माना जाता है कि भगवान मार्तंड भैरव के दर्शन तब तक अधूरे माने जाते हैं, जब तक भक्त राक्षस मणि के दर्शन पूरे नहीं कर लेते।

प्रमुख वरणी अमृत महोत्सव: निष्काम सेवा और सर्वहिताय जीवन का उत्सव

IANS | December 8, 2025 12:11 PM

अहमदाबाद, 8 दिसंबर (आईएएनएस)। बी.ए.पी.एस. के अध्यक्ष पूज्य महंत स्वामी महाराज, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेन्द्रभाई पटेल और अन्य विशिष्ट अतिथियों की उपस्थिति में ‘प्रमुख वरणी अमृत महोत्सव’ का भव्य समापन समारोह हुआ। मुख्य समारोह रविवार को अहमदाबाद के प्रसिद्ध साबरमती रिवरफ्रंट इवेंट सेंटर पर अत्यंत भव्यता के साथ सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर प्रमुखस्वामी महाराज की निष्काम एवं मानव कल्याणकारी सेवाओं को विविध रचनात्मक प्रस्तुतियों द्वारा भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की गई।

ग्वालियर में मजिस्ट्रेट महादेव की कचहरी, हर विवाद पर इनका फैसला अंतिम

IANS | December 7, 2025 10:00 PM

ग्वालियर, 7 दिसंबर (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश में ग्वालियर के गिरगांव में एक ऐसा मंदिर है, जिसे शिव मंदिर नहीं, बल्कि 'मजिस्ट्रेट महादेव' के नाम से जाना जाता है। यह मंदिर भिंड रोड पर स्थित है और इसकी ख्याति सिर्फ गिरगांव या ग्वालियर तक ही सीमित नहीं, बल्कि आसपास के राज्यों में भी फैली हुई है।