पितृ पक्ष विशेष : माता सीता का श्राप और पिंडदान की पवित्रता, गयाजी की अनूठी महिमा
गयाजी, 8 सितंबर (आईएएनएस)। भारत में पितरों के उद्धार और श्राद्ध कर्म के लिए अनेक तीर्थस्थल बताए गए हैं, लेकिन उनमें सबसे विशेष स्थान गयाजी का है। फल्गु नदी के तट पर बसे इस पावन शहर को मोक्षस्थली कहा जाता है। मान्यता है कि यहां पिंडदान करने से 108 कुल और सात पीढ़ियों का उद्धार होता है और उन्हें मोक्ष प्राप्त होता है। यही कारण है कि पितृपक्ष के दौरान हर वर्ष लाखों श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं।