चैत्र नवरात्रि: राजस्थान का वह मंदिर, जहां राक्षस को माता से पहले लगाया जाता है भोग, ओखली की भी है अद्भुत कहानी

IANS | March 15, 2026 3:05 PM

नई दिल्ली, 15 मार्च (आईएएनएस)। चैत्र नवरात्रि के आगमन के साथ ही देवी मंदिरों में रौनक बढ़ जाती है। देशभर के देवी मंदिरों में सजावट का काम शुरू हो गया है और कुछ खास जगहों पर मेले की तैयारी चल रही है। ऐसा ही एक मंदिर राजस्थान में मौजूद है, जहां मां आज भी एक अहंकारी राक्षस को शांत कर रही हैं और भोग भी मां से पहले राक्षस को लगता है। हम बात कर रहे हैं राजस्थान के पाली में स्थित मां शीतला माता मंदिर की, जो चर्म रोगों से मुक्ति के लिए प्रसिद्ध है।

फूलदेई: राजकुमारी फ्योंली की मार्मिक कहानी से जुड़ा है वसंत का प्रतीक 'बाल लोक पर्व'

IANS | March 15, 2026 11:59 AM

नई दिल्ली, 15 मार्च (आईएएनएस)। हिंदू कलेंडर के अनुसार चैत्र माह की शुरुआत को ही वसंत ऋतु का आगमन हो रहा है, जिसे नए साल की शुरुआत और प्रकृति से जोड़ा जाता है।

सोम प्रदोष : शिव -गौरी की आराधना का सर्वोत्तम दिन, नोट कर लें शुभ-अशुभ समय

IANS | March 15, 2026 9:23 AM

नई दिल्ली, 15 मार्च (आईएएनएस)। देवाधिदेव महादेव और माता पार्वती की आराधना को समर्पित प्रदोष व्रत 16 मार्च को है। शिव-गौरी की आराधना का सर्वोत्तम दिन सोमवार को है, जिसे सोम प्रदोष व्रत कहा जाता है। धार्मिक मान्यता है कि यह व्रत करने से भक्तों को मानसिक शांति, वैवाहिक सुख, पारिवारिक खुशहाली और चंद्रमा से जुड़े दोषों का निवारण भी होता है।

नवरात्रि स्पेशल: यहां सोलहभुजी मां पूरी करती है भक्तों की हर मुराद, पुजारी नहीं बल्कि आदिवासी को है पूजा का पहला अधिकार

IANS | March 14, 2026 5:52 PM

नई दिल्ली, 14 मार्च (आईएएनएस)। 19 मार्च से देशभर में चैत्र नवरात्रि की शुरुआत होने वाली है, और इसके साथ ही देवी मंदिरों में तैयारियां भी शुरू हो चुकी हैं।

पापमोचनी एकादशी: भगवान नारायण को समर्पित कृष्ण पक्ष की खास तिथि, नोट करें राहुकाल

IANS | March 14, 2026 10:31 AM

नई दिल्ली, 14 मार्च (आईएएनएस)। सनातन धर्म में नारायण को समर्पित एकादशी तिथि का खासा धार्मिक महत्व है। होलिका दहन और चैत्र नवरात्रि के बीच आने वाली कृष्ण पक्ष की एकादशी को पापमोचनी एकादशी कहते हैं, जो रविवार को पड़ रही है। यह व्रत भगवान नारायण को समर्पित है और पापों से मुक्ति दिलाने वाला माना जाता है।

‘तंत्र विद्या’ पर आधारित शिवालय, जहां दिन में तीन बार बदलता शिवलिंग का रंग, खड़ी मुद्रा में विराजमान नंदी महाराज तो मेंढक की होती है पूजा

IANS | March 13, 2026 6:45 PM

लखीमपुर खीरी, 13 मार्च (आईएएनएस)। देश-दुनिया में महादेव के कई अद्भुत मंदिर स्थित हैं, जिनकी कथा से लेकर बनावट तक हैरत में डाल देती है। उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में भी ऐसा ही एक शिवालय है, जो अपने अंदर कई हैरान कर देने वाली चीजों को समेटे हुए है। ‘तंत्र विद्या’ पर आधारित शिव मंदिर में मेंढक की पूजा होती है और यहां खड़ी मुद्रा में नंदी महाराज विराजमान हैं।

चैत्र नवरात्र: यहां दिव्य शक्ति करती है मां शारदा का शृंगार, लगता है भव्य मेला

IANS | March 13, 2026 2:40 PM

नई दिल्ली, 13 मार्च (आईएएनएस)। चैत्र माह की शुरुआत के साथ ही देवी मंदिरों में नवरात्र की तैयारियां शुरू हो जाती हैं, लेकिन मध्य प्रदेश की धरती पर ऐसा शक्तिशाली मंदिर स्थापित है, जहां दर्शन मात्र से सारे कष्ट दूर हो जाते हैं।

चैत्र माह में नीम का है आध्यात्मिक महत्व, उत्तर से लेकर दक्षिण भारत तक पूजन में रखता है विशेष स्थान

IANS | March 13, 2026 2:40 PM

नई दिल्ली, 13 मार्च (आईएएनएस)। कड़वा लेकिन नीम के मीठे गुण उसे बाकी सभी पेड़-पौधों से अलग बनाते हैं, लेकिन चैत्र के महीने में नीम का विशेष महत्व है, जो इसे आध्यात्मिक और आयुर्वेदिक दृष्टि से खास बनाता है।

14 मार्च का पंचांग : चैत्र कृष्ण की दशमी तिथि, जानें शनिवार का शुभ-अशुभ समय

IANS | March 13, 2026 8:51 AM

नई दिल्ली, 13 मार्च (आईएएनएस)। सनातन धर्म में पंचांग का बहुत महत्व है। यह रोजाना के शुभ और अशुभ समय, तिथि, नक्षत्र, योग और मुहूर्त की सटीक जानकारी देता है। दृक पंचांग के अनुसार, 14 मार्च शनिवार को चैत्र माह की कृष्ण पक्ष की दशमी तिथि है।

चैत्र नवरात्रि स्पेशल: यहां तीन प्रहर होती है मां के तीन शक्तिशाली रूपों की पूजा, चैत्र माह में होते हैं विशेष अनुष्ठान

IANS | March 12, 2026 4:06 PM

नई दिल्ली, 12 मार्च (आईएएनएस)। उत्तर भारत में चैत्र के महीने में देवी मंदिरों में भक्तों की भीड़ बढ़ने लगती है, क्योंकि नौ दिन मां के नौ रूपों की आराधना की जाती है। चैत्र नवरात्रि में मां भगवती के शक्तिपीठ और सिद्धपीठ मंदिरों में अलग ही रौनक देखने को मिलती है। वैसे ही दक्षिण भारत में कई मंदिर मौजूद हैं, जहां चैत्र नवरात्रि में मां की विशेष आराधना की जाती है। ऐसा ही एक मंदिर है चोट्टानिक्करा मंदिर, जहां माता रानी की एक नहीं, बल्कि तीन अलग रूपों में पूजा की जाती है।