8 अप्रैल का पंचांग : बैशाख कृष्ण की षष्ठी तिथि, नोट कर लें शुभ मुहूर्त व राहुकाल

IANS | April 7, 2026 8:47 AM

नई दिल्ली, 7 अप्रैल (आईएएनएस)। सनातन धर्म में पंचांग के अनुसार ही हर दिन की शुरुआत, शुभ-अशुभ समय व नए कार्य की शुरुआत के साथ ही पूजा-पाठ के लिए सही मुहूर्त का निर्धारण होता है। 8 अप्रैल बुधवार का पंचांग देखें तो बैशाख मास कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि है।

काशी के इस प्राचीन मंदिर में विराजती हैं मां महिषासुर मर्दिनी, दिन में तीन बार बदलता है 'स्वप्नेश्वरी' का रुप

IANS | April 6, 2026 11:51 PM

नई दिल्ली, 6 अप्रैल (आईएएनएस)। बाबा विश्वनाथ की नगरी काशी में असंख्य प्राचीन मंदिर हैं। इन मंदिरों की महिमा अनोखी और चमत्कारिक है। काशी में हर कोने में भक्ति और चमत्कार की कहानियां बसी हुई हैं। असंख्य देवी-देवताओं के मंदिर यहां की आस्था को और गहरा बनाते हैं। इन्हीं में से एक प्राचीन और अद्भुत मंदिर है मां महिषासुर मर्दिनी का, इस मंदिर की खासियत यह है कि यहां माता स्वप्नेश्वरी का स्वरूप दिन में तीन बार बदलता है।

तिरुवरप्पु श्री कृष्ण मंदिर: यहां एक दिन में 10 बार लगता है भोग, देर होने पर कमजोर हो जाती है 'रहस्यमयी प्रतिमा'

IANS | April 6, 2026 8:25 PM

नई दिल्ली, 6 अप्रैल (आईएएनएस)। देशभर में कई प्राचीन मंदिर हैं, जहां भगवान श्री कृष्ण अलग-अलग अवतारों में भक्तों के कष्टों को हरते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि केरल की धरती पर ऐसा मंदिर मौजूद है, जो साल के 365 दिन दर्शन के लिए खुला रहता है और ग्रहण लगने पर भी मंदिर में पूजा-पाठ बंद नहीं होता। हम बात कर रहे हैं केरल के तिरुवरप्पु श्री कृष्ण मंदिर की।

7 अप्रैल का पंचांग : बैशाख कृष्ण की पंचमी तिथि पर अभिजित व विजय मुहूर्त, जानें शुभ-अशुभ समय

IANS | April 6, 2026 8:38 AM

नई दिल्ली, 6 अप्रैल (आईएएनएस)। सनातन धर्म में पंचांग के पांच अंगों - तिथि, नक्षत्र, योग, करण और वार का विशेष महत्व है। इनके आधार पर ही दिन की शुरुआत और शुभ-अशुभ समय का निर्धारण किया जाता है। 7 अप्रैल मंगलवार को वैशाख मास के कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि है।

काशी का अद्भुत 17वीं शताब्दी का शिवालय, जहां रावण वध के बाद श्रीरामचंद्र ने किए थे महादेव के दर्शन

IANS | April 5, 2026 11:55 PM

वाराणसी, 5 अप्रैल (आईएएनएस)। देवाधिदेव महादेव की नगरी काशी के कण-कण में उनका वास माना जाता है। छोटे-बड़े हर एक मंदिर की अपनी एक दिव्यता और अद्भुत भक्ति में लिपटी मान्यता है। महादेव को समर्पित ऐसा ही एक मंदिर है, जो उनके अराध्य मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीरामचंद्र से भी जुड़ा है।

खल्लारी माता मंदिर : निसंतान दंपति की झोली भरती है मां, महाभारत काल से जुड़ा है इतिहास

IANS | April 5, 2026 10:33 PM

नई दिल्ली, 5 अप्रैल (आईएएनएस)। देशभर में कई शक्तिपीठ और सिद्धपीठ मां जगदम्बा के मंदिर के रूप में मौजूद हैं, जहां भक्त अपने कष्टों से मुक्ति के लिए आते हैं। छत्तीसगढ़ के महासमुन्द की पहाड़ी पर ऐसा प्रसिद्ध और चमत्कारी मंदिर है, जहां निसंतान दंपति को संतान सुख मिलता है।

मंदिरों में क्लॉकवाइज क्यों लगाते हैं प्रदक्षिणा? जानें क्या कहता है अध्यात्म और विज्ञान

IANS | April 5, 2026 12:28 PM

नई दिल्ली, 5 अप्रैल (आईएएनएस)। मंदिरों में घड़ी की सुई की दिशा में यानी क्लॉकवाइज प्रदक्षिणा या परिक्रमा करने की परंपरा सदियों से चली आ रही है। इसे सिर्फ धार्मिक रीति नहीं बल्कि वैज्ञानिक और आध्यात्मिक दृष्टि से भी बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है। मंदिर का गर्भगृह एक शक्तिशाली ऊर्जा केंद्र होता है।

6 अप्रैल का पंचांग : बैशाख कृष्ण की चतुर्थी पर सर्वार्थ सिद्धि योग व विजय मुहूर्त, नोट कर लें राहुकाल

IANS | April 5, 2026 8:41 AM

नई दिल्ली, 5 अप्रैल (आईएएनएस)। सनातन धर्म में दिन की शुरुआत हो या शुभ-अशुभ समय की जानकारी पंचांग के पांचों अंग तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण का विचार महत्वपूर्ण है। मान्यता है कि शुभ समय में किया गया कार्य फलदायी वहीं, अशुभ समय में किए कार्य में बाधा आती है और सफलता भी नहीं मिलती।

एमएसटी पर संतों का एकमत, स्वामी जितेंद्रानंद सरस्वती बोले- उज्जैन है समय का प्राचीन केंद्र

IANS | April 4, 2026 9:03 PM

नई दिल्ली, 4 अप्रैल (आईएएनएस)। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के महाकाल स्टैंडर्ड टाइम (एमएसटी) को ग्रीनविच मीन टाइम (जीएमटी) की जगह अपनाने के प्रस्ताव पर देशभर के संतों-महंतों ने जोरदार समर्थन व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि पूरी दुनिया भारतीय सनातन परंपरा और प्राचीन खगोलीय ज्ञान के अनुरूप महाकाल स्टैंडर्ड टाइम को वैश्विक समय प्रणाली के रूप में स्वीकार करे।

शिवनगरी काशी में विराजते हैं 'बटुक भैरव', प्रसाद में चढ़ता है टॉफी- बिस्किट और खिलौने, दर्शन से दूर होते संतान के कष्ट

IANS | April 4, 2026 7:50 PM

वाराणसी, 4 अप्रैल (आईएएनएस)। मान्यता है कि देवाधिदेव महादेव की नगरी काशी के कण-कण में उनका वास है। बाबा विश्वनाथ की नगरी में स्थित छोटे-बड़े हर एक मंदिर की अपनी एक अद्भुत कथा और मान्यता है, जो भक्तों के विश्वास और भक्ति को और भी मजबूत करता है। ऐसा ही एक मंदिर वाराणसी की तंग गलियों में हैं, जहां भैरव बाबा बाल या बटुक रूप में विराजते और दर्शन मात्र से संतान संबंधी समस्याओं के साथ ही अन्य कष्टों को भी दूर करते हैं।