स्मृति शेष : इंकलाब की गूंज में खो गया एक सच्चा क्रांतिकारी, जिसे इतिहास ने याद तो किया, पर देश ने नहीं पहचाना
नई दिल्ली, 19 जुलाई (आईएएनएस)। जब हम भगत सिंह का नाम सुनते हैं, तो हमारा सीना गर्व से चौड़ा हो जाता है। लेकिन, बहुत कम ही लोग जानते हैं कि उस 'इंकलाब जिंदाबाद' की गूंज में एक और आवाज थी, जो उतनी ही बुलंद और प्रभावी थी। नाम था बटुकेश्वर दत्त। भगत सिंह के साथ कदम से कदम मिलाकर चलने वाला साथी, असेंबली बम कांड का नायक और 'हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन' का सच्चा सिपाही! लेकिन, आज उनकी पुण्यतिथि पर सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या आजाद भारत ने उन्हें वह सम्मान दिया, जिसके वे हकदार थे?