मुनि तरुण सागर : जलेबी खाते-खाते बन गए संन्यासी, फिर 'अपने वचनों' से दुनिया को दिखाई राह
नई दिल्ली, 25 जून (आईएएनएस)। जैन धर्म के दिगंबर पंथ के प्रसिद्ध मुनि तरुण सागर की 26 जून को जयंती है। उन्होंने दुनिया की सुख-सुविधाओं से दूर रहकर एक मुश्किल जीवन जीया। सादगी में जिंदगी गुजारी और हमेशा इंसान को सही रास्ते पर चलने के लिए प्रेरित किया। तरुण सागर अपने "कड़वे वचनों" के लिए सबसे ज्यादा चर्चित थे। हालांकि उनके संन्यासी बनने का किस्सा भी काफी अनोखा है।