पांडित्य परंपरा के प्रणेता रेवा प्रसाद द्विवेदी, 'काशी के कालिदास' की मिली उपाधि
नई दिल्ली, 21 अगस्त (आईएएनएस)। काशी के प्रकांड विद्वान महामहोपाध्याय पंडित रेवा प्रसाद द्विवेदी संस्कृत साहित्य के ऐसे सूर्य थे, जिन्होंने अपनी विद्वता से काशी की पांडित्य परंपरा को विश्व भर में नई पहचान दिलाई। मध्य प्रदेश के सीहोर जिले के नांदेड़ गांव में 22 अगस्त 1935 में जन्मे रेवा प्रसाद द्विवेदी ने संस्कृत साहित्य, काव्यशास्त्र और शिक्षा के क्षेत्र में अमर योगदान दिया।