जन्मदिन विशेष : लद्दाख के वीराने में उम्मीद बोने वाला नाम, सोनम वांगचुक और उनका आइस स्तूप

IANS | August 31, 2025 7:55 PM

नई दिल्ली, 31 अगस्त (आईएएनएस)। लद्दाख, दुनिया का सबसे ऊंचा, ठंडा और वीरान बीहड़। दूर-दूर तक फैले सूखे, बेरंग पहाड़। माइनस 20 डिग्री की सिहरन पैदा करने वाली हवाएं और सालभर चमकता सूरज, लेकिन इन सबके बीच सबसे बड़ी चुनौती है पानी। सोचिए, जहां बर्फ हर ओर है, वहां भी पानी का संकट जीवन को सबसे ज्यादा डराता है।

13 वर्ष में संन्यास, 33 वर्ष में इतिहास: मुनि तरुण सागर का अद्वितीय जीवन

IANS | August 31, 2025 7:51 PM

नई दिल्ली, 31 अगस्त (आईएएनएस)। जब कभी समाज सुधार, आध्यात्मिक क्रांति और निडर वक्तृत्व की बात होती है, तो जैन धर्म की दिगंबर परंपरा के तेजस्वी संत मुनि तरुण सागर जी महाराज का नाम सबसे पहले लिया जाता है। 26 जून 1967 को मध्यप्रदेश के दमोह जिले के गहंची गांव में पवन कुमार जैन के रूप में जन्मे तरुण सागर ने मात्र 13 वर्ष की आयु में संन्यास की राह चुन ली। यही वह निर्णय था, जिसने आगे चलकर उन्हें न सिर्फ जैन समाज का, बल्कि संपूर्ण भारत का राष्ट्रसंत बना दिया।

शहीद पिता के शब्‍दों ने बदला जितेंद्र का जीवन, 26 साल में जुटाई दो लाख वीरों की जानकारी

IANS | August 31, 2025 7:36 PM

सूरत, 31 अगस्‍त (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 125वें संस्करण को संबोधित किया। उन्होंने समाज में प्रेरणा देने वाले लोगों का भी उल्लेख किया, जिनमें गुजरात के सूरत में रहने वाले जितेंद्र सिंह राठौड़ भी हैं।

छत्तीसगढ़ : 'सौर सुजला योजना' ने बदली किसानों की जिंदगी, बिजली बिल से मिली राहत

IANS | August 31, 2025 7:04 PM

धमतरी, 31 अगस्‍त (आईएएनएस)। केंद्र और राज्य सरकार समाज के सभी वर्गों को सशक्त बनाने के लिए कई कल्याणकारी योजनाएं चला रही हैं। छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में सौर सुजला योजना एक बड़ी सफलता साबित हुई है।

संसद परिसर में लगेंगे जगन्नाथ रथ के पहिए, पुजारी ने स्पीकर ओम बिरला की मंजूरी का किया स्वागत

IANS | August 31, 2025 6:59 PM

पुरी, 31 अगस्त (आईएएनएस)। ऐतिहासिक फैसला लेते हुए, भगवान जगन्नाथ के तीन रथ (नंदीघोष, तालध्वज और दर्पदलन) के पहिए अब जल्द ही नई दिल्ली के संसद परिसर में स्थापित किए जाएंगे। लोकसभा के स्पीकर ओम बिरला ने जगन्नाथ मंदिर प्रशासन के इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।

व्यक्ति विशेष : रांची की गलियों में हिंदी और रामकथा के विलक्षण साधक फादर कामिल बुल्के की स्मृतियां आज भी जीवंत

IANS | August 31, 2025 6:55 PM

रांची, 31 अगस्त (आईएएनएस)। गौर वर्ण, लंबा कद, तेजस्वी मुखमंडल, सफेद लंबी दाढ़ी, चमकती आंखें और हाथ में किताब। 1980 के दशक तक रांची की गलियों और सड़कों पर पैदल या साइकिल से गुजरते इस संत-सदृश बुजुर्ग का दर्शन जिसे भी हुआ, उसकी स्मृति में वे आजीवन एक जीवंत छवि बन गए।

बंदूक की गोली से लेकर फाइटर जेट बनाने में जुटी अदाणी डिफेंस एंड एयरोस्पेस

IANS | August 31, 2025 6:35 PM

कानपुर, 31 अगस्त (आईएएनएस)। अदाणी डिफेंस एंड एयरोस्पेस बंदूक की गोली से लेकर फाइटर जेट बनाने में जुटी है। उत्तर प्रदेश के कानपुर में स्थित अदाणी डिफेंस एयरोस्पेस फैक्ट्री की गोली बनाने की क्षमता अगले कुछ महीनों में दोगुनी होने जा रही है। अदाणी डिफेंस एंड एयरोस्पेस कंपनी के सीईओ आशीष राजवंशी ने कानपुर की यूनिट में वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए पत्रकारों से जुड़कर इस बात की जानकारी दी है।

दुष्यंत कुमार: सामाजिक चेतना की बुलंद आवाज, जिनकी कविताएं करती थीं सत्ता से सवाल

IANS | August 31, 2025 6:20 PM

नई दिल्ली, 31 अगस्त (आईएएनएस)। 'हो गई है पीर पर्वत-सी पिघलनी चाहिए, इस हिमालय से कोई गंगा निकलनी चाहिए। सिर्फ हंगामा खड़ा करना मेरा मकसद नहीं, मेरी कोशिश है कि ये सूरत बदलनी चाहिए। मेरे सीने में नहीं तो तेरे सीने में सही, हो कहीं भी आग, लेकिन आग जलनी चाहिए।' इस कविता को पढ़ते ही मन में आम आदमी की गहरी पीड़ा, अंतहीन संघर्ष और उबलते आक्रोश की तस्वीर सामने आती है। दुष्यंत कुमार ने इन पंक्तियों में न केवल भावनाओं को उकेरा, बल्कि समाज में बदलाव की तीव्र चाह को भी आवाज दी।

बाबूलाल मरांडी ने सीएम हेमंत को पत्र लिखकर लगाया आरोप, 'रातों-रात हटाए गए शराब घोटाले के दस्तावेज'

IANS | August 31, 2025 4:17 PM

रांची, 31 अगस्त (आईएएनएस)। झारखंड विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष और भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने राज्य में शराब घोटाले से जुड़े दस्तावेज रातों-रात हटाए जाने का आरोप लगाया है।

जन्मदिन विशेष : परदेस से देस के चांद को देखने वाले गंगा-जमुनी तहजीब के पैरोकार

IANS | August 31, 2025 4:09 PM

नई दिल्ली, 31 अगस्त (आईएएनएस)। राही मासूम रज़ा एक ऐसे साहित्यकार थे, जिन्होंने अपनी लेखनी से हिंदी और उर्दू साहित्य को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। राही ही परदेस में रहकर देस के चांद को याद करते हुए लिख सकते हैं, 'हम तो हैं परदेस में, देस में निकला होगा चांद।' उनकी रचनाएं भारतीय संस्कृति की गंगा-जमुनी तहजीब की सुगंध बिखेरती हैं, जो सामाजिक एकता और मानवीय संवेदनाओं को गहराई से दर्शाती हैं।