नई दिल्ली, 26 जनवरी (आईएएनएस)। आज की तेज-तर्रार जिंदगी में शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को बनाए रखना चुनौतीपूर्ण हो गया है। काम का दबाव, लगातार स्मार्टफोन और स्क्रीन के सामने बैठना, नींद की कमी और बढ़ता तनाव हमारे शरीर और दिमाग पर गहरा असर डाल रहे हैं।
इससे न केवल एंग्जाइटी और डिप्रेशन जैसी मानसिक परेशानियां बढ़ रही हैं, बल्कि याददाश्त कमजोर हो रही है और ध्यान केंद्रित करने में समस्या हो रही है। ऐसे में योग हमारी सेहत के लिए समाधान का काम कर सकता है।
आयुष मंत्रालय के अनुसार, योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं है, बल्कि यह मानसिक स्वास्थ्य, एकाग्रता और नर्वस सिस्टम को मजबूत करने का भी काम करता है। इसी कड़ी में हाकिनी योग मुद्रा एक सरल हस्त मुद्रा है, जो दिमाग को सक्रिय रखने, तनाव कम करने और आत्मविश्वास बढ़ाने में मदद करती है।
हाकिनी योग मुद्रा, जिसे पावर जेस्चर या ब्रेन पॉवर मुद्रा भी कहा जाता है, हाथों की पांचों उंगलियों को आपस में जोड़कर की जाती है। इसे करने के लिए सबसे पहले आप पद्मासन या वज्रासन में बैठ जाएं और आंखें बंद करके गहरी और लंबी सांस लें। इसके बाद एक हाथ की सभी उंगलियों की टिप को दूसरे हाथ की उंगलियों की टिप से जोड़ दें। ध्यान रखें कि उंगलियों पर अत्यधिक दबाव न पड़े। भौहों के बीच पर ध्यान केंद्रित करते हुए मन को अनावश्यक विचारों से दूर रखें। शुरुआत में इसे दो से तीन मिनट करें और धीरे-धीरे इसे पांच मिनट तक बढ़ाएं। रोजाना सुबह खाली पेट और शाम को इसका अभ्यास करने से इसका प्रभाव और भी बढ़ जाता है।
इस मुद्रा के अनेक लाभ हैं। सबसे पहले, यह ध्यान और एकाग्रता बढ़ाती है। हाथों की उंगलियों को जोड़ने से मस्तिष्क के दोनों हिस्से सक्रिय होते हैं, जिससे याददाश्त मजबूत होती है और किसी भी काम पर ध्यान बनाए रखना आसान होता है। इसके साथ ही यह तनाव और घबराहट को कम करता है। जो लोग लगातार चिंतित रहते हैं या डिप्रेशन का सामना कर रहे हैं, उनके लिए यह मुद्रा मानसिक शांति और संतुलन का काम करती है।
हाकिनी मुद्रा आत्मविश्वास बढ़ाने में भी मदद करती है। इसे करने से न केवल व्यक्ति अपने कार्यों के प्रति उत्साहित और प्रेरित महसूस करता है, बल्कि मानसिक स्थिरता और ऊर्जा भी बढ़ती है।
इसके अलावा, हाकिनी मुद्रा नींद की गुणवत्ता को सुधारने में भी मदद करती है। दिनभर की थकान और तनाव के कारण कई लोगों को रात में नींद नहीं आती। इस मुद्रा का अभ्यास शरीर में रक्तसंचार बढ़ाता है और ऑक्सीजन का प्रवाह सुधारता है, जिससे नींद गहरी और संतुलित होती है। इसके नियमित अभ्यास से नर्वस सिस्टम, टिश्यू और सेल्स की कार्यक्षमता भी बेहतर होती है। इससे शरीर में ऊर्जा का संचार होता है और व्यक्ति दिनभर सक्रिय महसूस करता है।
--आईएएनएस
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