जयंती विशेष : अजंता से प्रेरित 'रंगों के कवि' असित कुमार हालदार, जो बने भारतीय कला पुनर्जागरण के एक अग्रदूत
नई दिल्ली, 9 सितंबर (आईएएनएस)। जब भी भारतीय कला के पुनर्जागरण की बात होती है, असित कुमार हालदार का नाम एक चमकते सितारे की तरह उभरता है। टैगोर परिवार की सांस्कृतिक मिट्टी में जन्मा यह कलाकार न सिर्फ एक चित्रकार था, बल्कि एक कवि, लेखक और भारतीय कला के उस आंदोलन का ध्वजवाहक था, जिसने देश की प्राचीन कला को विश्व मंच पर पहचान दिलाई। उनकी कला यात्रा का सबसे महत्वपूर्ण पड़ाव रहा अजंता की गुफाओं की भित्तिचित्रों का दस्तावेजीकरण, जिसने उनकी रचनात्मकता को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। इस रेंजर कवि की कहानी को करीब से जाना जाए तो इसमें अजंता की गुफाएं उनकी प्रेरणा का केंद्र रहीं।