शनि प्रदोष : शिव गौरी और सूर्य पुत्र की उपासना का दिन, नोट कर लें राहुकाल
नई दिल्ली, 13 फरवरी (आईएएनएस)। सनातन धर्म में शनि प्रदोष व्रत का विशेष महत्व है। यह व्रत हर माह की कृष्ण पक्ष और शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि पर रखा जाता है, लेकिन जब यह तिथि शनिवार के दिन पड़ती है, तो इसे शनि प्रदोष कहा जाता है। 14 फरवरी को शनिवार है और कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि है।