केंद्रीय कैबिनेट से गंगा-वरुणा एलिवेटेड कॉरिडोर को मंजूरी, वाराणसी में भाजपा कार्यकर्ताओं ने मनाया जश्न

केंद्रीय कैबिनेट से गंगा-वरुणा एलिवेटेड कॉरिडोर को मंजूरी, वाराणसी में भाजपा कार्यकर्ताओं ने मनाया जश्न

वाराणसी, 15 जुलाई (आईएएनएस)। केंद्र सरकार से गंगा नदी के किनारे अत्याधुनिक छह लेन वाले गंगा-वरुणा एलिवेटेड कॉरिडोर के निर्माण को मंजूरी मिलने के बाद वाराणसी में भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच उत्साह का माहौल देखने को मिला। सिगरा स्थित गुलाब बाग भाजपा कार्यालय में कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे को मिठाइयां खिलाकर खुशी जताई। भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने इस परियोजना को काशी के विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक उपलब्धि बताते हुए कहा कि इससे शहर की यातायात व्यवस्था में बड़ा सुधार होगा, जाम और प्रदूषण की समस्या कम होगी तथा पर्यटन और व्यापार को नई गति मिलेगी।

विधायक सौरभ श्रीवास्तव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले 12 वर्षों में काशी का अभूतपूर्व और अकल्पनीय विकास हुआ है। काशी धर्म, मोक्ष और संस्कृति की नगरी है, लेकिन पूर्ववर्ती सरकारों में इसे वह सम्मान और विकास नहीं मिला, जिसकी वह हकदार थी। काशी विश्वनाथ धाम कॉरिडोर के निर्माण से श्रद्धालुओं की संख्या में कई गुना वृद्धि हुई है, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था और प्रति व्यक्ति आय में बढ़ोतरी हुई है। बढ़ते श्रद्धालुओं और पर्यटकों को देखते हुए पुल, रिंग रोड और रोपवे जैसी परियोजनाएं शुरू की गई। अब गंगा-वरुणा एलिवेटेड कॉरिडोर भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि यह कॉरिडोर गंगा के उस पार स्थित रामनगर क्षेत्र के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। वहां होटल, पेइंग गेस्ट हाउस और अन्य पर्यटन सुविधाओं का विकास होगा, जिससे स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। श्रद्धालु अपनी गाड़ियां नदी के उस पार पार्क कर पैदल काशी विश्वनाथ धाम तक पहुंच सकेंगे, जिससे शहर के भीतरी हिस्सों पर यातायात का दबाव भी कम होगा। इससे व्यापार कई गुना बढ़ेगा और काशी की अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी।

वाराणसी के मेयर अशोक कुमार तिवारी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने काशी को लगभग 25 हजार करोड़ रुपए की विकास परियोजनाओं की सौगात देकर शहर के भविष्य को नई दिशा दी है। कुछ वर्ष पहले तक ऐसी परियोजनाओं की कल्पना भी नहीं की जा सकती थी। प्रधानमंत्री मोदी ने काशी के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए जो कार्य किए हैं, वे ऐतिहासिक हैं। वर्तमान में बाबा विश्वनाथ धाम में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं, जिसके कारण शहर में यातायात का दबाव बढ़ता है। लेकिन, गंगा-वरुणा कॉरिडोर और रोपवे जैसी परियोजनाओं के पूरा होने के बाद बड़ी संख्या में लोग गंगा के दूसरे छोर से शहर में प्रवेश करेंगे, जिससे जाम की समस्या काफी हद तक कम होगी।

उन्होंने कहा कि वाराणसी की अर्थव्यवस्था का बड़ा आधार पर्यटन है। श्रद्धालुओं और पर्यटकों के आने से होटल, परिवहन, हस्तशिल्प, बनारसी साड़ी, स्थानीय बाजार और अन्य व्यापारिक गतिविधियों को सीधा लाभ मिलता है। इस नई परियोजना से पर्यटन और स्थानीय व्यापार दोनों को बड़ी मजबूती मिलेगी।

निर्मला सिंह पटेल ने कहा कि वर्ष 2014 से प्रधानमंत्री मोदी ने काशी का स्वरूप पूरी तरह बदल दिया है। उन्होंने गंगा-वरुणा एलिवेटेड कॉरिडोर को 25 हजार करोड़ रुपए की ऐतिहासिक सौगात बताते हुए कहा कि यह परियोजना शहर के परिवहन नेटवर्क को पूरी तरह बदल देगी। यह कॉरिडोर गंगा के उस पार के क्षेत्रों को शहर के प्रमुख मार्गों, बीएचयू, हरहुआ और अन्य महत्वपूर्ण स्थानों से जोड़ेगा। रोपवे जैसी आधुनिक परियोजनाओं के साथ मिलकर यह वाराणसी को देश के सबसे आधुनिक धार्मिक और सांस्कृतिक शहरों में शामिल करने की दिशा में अहम भूमिका निभाएगा। उन्होंने बाबा विश्वनाथ से प्रधानमंत्री के स्वस्थ और दीर्घायु जीवन की कामना करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में काशी विश्व पटल पर अपनी नई पहचान बना रही है।

काशी निवासी रूपश्री सेनगुप्ता ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी लगातार काशी के विकास के लिए काम कर रहे हैं। यह नई परियोजना भी शहर के लिए बड़ी सौगात है। इससे काशीवासियों को सुविधा मिलेगी और व्यापार को भी बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में भी इसी तरह विकास कार्य जारी रहेंगे। वहीं, सौरभ चटर्जी ने कहा कि पिछले कई वर्षों से काशी में विकास कार्य तेजी से हो रहे हैं और गंगा-वरुणा एलिवेटेड कॉरिडोर उनमें एक महत्वपूर्ण कड़ी साबित होगा। इससे शहर तक पहुंचना आसान होगा और बड़े वाहनों की आवाजाही बेहतर तरीके से हो सकेगी।

एडवोकेट विवेक सिंह ने कहा कि ये बहुत बड़ी खुशी की बात है। इससे दूरी और समय दोनों कम हो जाएंगे। इस सौगात के लिए हम केंद्र सरकार को बधाई देते हैं।

विनीत शुक्ला ने कहा कि इससे जाम और अव्यवस्था से निजात मिल सकेगा। खासकर, पर्यटकों के लिए काशी तक का सफर अब बहुत आसान हो जाएगा। इससे साथ ही जब ज्यादा से ज्यादा पर्यटक काशी आएंगे तो जाहिर सी बात है कि व्यापार में भी इजाफा होगा।

पद्मश्री अवॉर्डी डॉ. रजनीकांत ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी को एक बार फिर बहुत-बहुत धन्यवाद, जिन्होंने काशी की समृद्ध विरासत को बढ़ाने और दुनिया में पहुंचाने के लिए एक बहुत बड़ा तोहफा दिया। यह केवल काशी के लोगों तक ही सीमित नहीं है। काशी के विकास की गूंज पूरी दुनिया के कोने-कोने में सुनाई देती है।

--आईएएनएस

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