धीरे-धीरे कम होंगे डार्क सर्कल्स, अपनाएं ये दो मिनट की असरदार फेस एक्सरसाइज

IANS | October 15, 2025 2:06 PM

नई दिल्ली, 15 अक्टूबर (आईएएनएस)। आज की तेज रफ्तार जिंदगी में हम सेहत को पीछे छोड़ते हुए जा रहे हैं। खासकर मानसिक थकान, नींद की कमी और गलत खानपान की वजह से हमारी त्वचा और आंखों के नीचे पड़ने वाले काले घेरे यानी डार्क सर्कल्स एक आम समस्या बन चुके हैं।

नाश्ते के लिए बेस्ट है दलिया, पूरे शरीर को देगा एनर्जी का फुल डोज

IANS | October 15, 2025 1:39 PM

नई दिल्ली, 15 अक्टूबर (आईएएनएस)। हेल्दी लाइफस्टाइल को अपनाने के लिए सबसे पहला कदम है अच्छा खाना। समय कम है लेकिन खाना हेल्दी और टेस्टी होना चाहिए और कम समय में बनकर तैयार होना चाहिए।

'माइक्रोप्लास्टिक' बदल रहे हैं दिमाग और सेहत का नक्शा, कुछ छोटे उपायों से बदलाव संभव

IANS | October 12, 2025 7:17 PM

नई दिल्ली, 12 अक्टूबर (आईएएनएस)। प्लास्टिक पर्यावरण के लिए हानिकारक है और इसका जितना कम उपयोग किया जाए उतना अच्छा है। ऐसा हम बचपन से सुनते आ रहे हैं। एक्सपर्ट्स कहते हैं कि आज की तारीख में ये प्लास्टिक अलग-अलग माध्यमों से हमारे शरीर के विभिन्न अंगों में पैठ बना चुका है। अब इससे सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि जो प्रकृति पर इतना विपरीत असर डालता है वो हमारी सेहत का क्या हश्र करता होगा।

ट्रंप का 'सेमी-एनुअल फिजिकल' टेस्ट चर्चा में, बढ़ती उम्र के साथ जरूरी क्यों?

IANS | October 11, 2025 3:11 PM

नई दिल्ली, 11 अक्टूबर (आईएएनएस)। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, राजनीति के साथ-साथ अपनी सेहत को लेकर भी हमेशा सुर्खियों में रहते हैं। हाल ही में उनका “सेमी-एनुअल फिजिकल” यानी साल में दो बार होने वाला मेडिकल चेकअप फिर चर्चा का विषय बना। डॉक्टर ने बताया कि राष्ट्रपति ट्रंप का दिल उनकी उम्र से 14 साल अधिक जवां हैं।

इम्पोस्टर सिंड्रोम: जब अपनी ही योग्यता पर होता है शक, उपलब्धियों को मान लेते हैं संयोग

IANS | October 4, 2025 4:49 PM

नई दिल्ली, 4 अक्टूबर (आईएएनएस)। क्या आपने कभी ऐसा महसूस किया है कि आपकी उपलब्धियां बस किसी किस्मत या अवसर का नतीजा हैं और असल में आप उतने काबिल नहीं हैं जितना लोग सोचते हैं? अगर हां, तो शायद आप 'इम्पोस्टर सिंड्रोम' से गुजर रहे हैं।

शरद पूर्णिमा को कहते हैं 'कोजागरी' भी, इस दिन पकी खीर अमृत समान, जानें क्यों?

IANS | October 4, 2025 3:35 PM

नई दिल्ली, 4 अक्टूबर (आईएएनएस)। शरद पूर्णिमा, जिसे कोजागरी पूर्णिमा भी कहा जाता है, केवल एक त्यौहार नहीं है। इसका धार्मिक, आयुर्वेदिक और वैज्ञानिक दृष्टि से भी अत्यधिक महत्व है। “कोजागरी” का अर्थ है – “कौन जाग रहा है?”, क्योंकि इस रात मां लक्ष्मी अपने भक्तों के जागरण की परीक्षा लेती हैं।

ब्रेस्ट कैंसर अवेयरनेस मंथ 2025: एंजेलिना जोली इफेक्ट के साथ ‘हर यात्रा मायने रखती है’

IANS | October 2, 2025 5:23 PM

नई दिल्ली, 2 अक्टूबर (आईएएनएस)। 2013 में हॉलीवुड अभिनेत्री एंजेलिना जोली ने दुनिया को एक बड़े फैसले से सबको चौंका दिया। उनकी मां (मार्शलीन बर्ट्रेंड) की मृत्यु ओवरी कैंसर से हुई थी। जोली ने टेस्ट कराया और पाया कि उनमें बीआरसीए1 जीन म्यूटेशन है, जो उनके ब्रेस्ट कैंसर के चांस को 87 फीसदी तक बढ़ा रहा था। एंजेलिना ने प्रिवेंटिव डबल मास्टेक्टॉमी (दोनों स्तनों को सर्जरी से हटवाना) करवा लिया।

1 अक्टूबर को मनाया जाता है इंटरनेशनल कॉफी डे, जानें इसके पीछे क्या है मान्यता

IANS | September 30, 2025 12:34 PM

नई दिल्ली, 30 सितंबर (आईएएनएस)। चाय के बाद कॉफी ज्यादातर लोगों की हॉट ड्रिंक में पहली पसंद होती है। 1 अक्टूबर को हर साल इंटरनेशनल कॉफी डे मनाया जाता है। खासतौर से ऑफिस वाले लाइफस्टाइल में कॉफी का चलन काफी बढ़ गया है। आइए जानते है कि इंटरनेशनल कॉफी डे मनाने के पीछे की मान्यता क्या है।

स्वास्थ्य का नया मंत्र है 'हेल्थ इन इकोसिस्टम', साधारण तरीकों को अपना निभाएं जिम्मेदारी

IANS | September 29, 2025 3:52 PM

नई दिल्ली, 29 सितंबर (आईएएनएस)। हमारी सेहत का खजाना संतुलित जीवनशैली पर टिका है। एक सच यह भी है कि हमारी सेहत का रिश्ता सिर्फ शरीर से नहीं, बल्कि पूरे पर्यावरण से जुड़ा है। इसे ही विशेषज्ञ अब 'हेल्थ इन इकोसिस्टम' कह रहे हैं। इसका मतलब है – अगर हमारा वातावरण संतुलित और स्वस्थ होगा तो हम भी स्वस्थ रहेंगे। डब्ल्यूएचओ भी इसे लेकर दुनिया को प्रेरित करता है।

डीएनए आधारित डाइट: 'वन-साइज-फिट्स-ऑल नहीं' वाली नई सोच ट्रेंड में, आखिर ये है क्या?

IANS | September 29, 2025 1:34 PM

नई दिल्ली, 29 सितंबर (आईएएनएस)। हमारे यहां शायद हर जेनरेशन को घोल कर पिलाया जाता है कि सेहतमंद रहने के लिए सबको एक जैसा खाना चाहिए। मतलब सुबह दूध, दोपहर को दाल-चावल और रात में हल्का और सुपाच्य भोजन। इन सबके सेवन का समय भी फिक्स करने की सलाह दी जाती है। लेकिन बदलते समय में ये धारणा भी बदल रही है। यूं तो वैज्ञानिक रिसर्च कई होते हैं लेकिन एक ऐसा है जो पुख्ता तौर पर कहता है कि आपकी थाली में क्या हो, क्या नहीं, ये रिवायत नहीं, आपके डीएनए को तय करना होता है!