शरद पूर्णिमा को कहते हैं 'कोजागरी' भी, इस दिन पकी खीर अमृत समान, जानें क्यों?
नई दिल्ली, 4 अक्टूबर (आईएएनएस)। शरद पूर्णिमा, जिसे कोजागरी पूर्णिमा भी कहा जाता है, केवल एक त्यौहार नहीं है। इसका धार्मिक, आयुर्वेदिक और वैज्ञानिक दृष्टि से भी अत्यधिक महत्व है। “कोजागरी” का अर्थ है – “कौन जाग रहा है?”, क्योंकि इस रात मां लक्ष्मी अपने भक्तों के जागरण की परीक्षा लेती हैं।