शीत ऋतु में त्वचा और बालों के लिए संजीवनी है एलोवेरा, जानें उपयोग के तरीके
नई दिल्ली, 4 दिसंबर (आईएएनएस)। एलोवेरा दिखने में साधारण पौधे की तरह लगता है, लेकिन इसका इस्तेमाल बुखार से लेकर त्वचा और बालों को संवारने तक में किया जाता है।
नई दिल्ली, 4 दिसंबर (आईएएनएस)। एलोवेरा दिखने में साधारण पौधे की तरह लगता है, लेकिन इसका इस्तेमाल बुखार से लेकर त्वचा और बालों को संवारने तक में किया जाता है।
नई दिल्ली, 4 दिसंबर (आईएएनएस)। किसी भी तरह की परेशानी मानसिक और शारीरिक दोनों स्तर पर प्रभावित करती है। शारीरिक परेशानी का निदान स्थिति की जांच कर संभव है, लेकिन मानसिक समस्याओं को जांच पाना अक्सर मुश्किल होता है।
नई दिल्ली, 3 दिसंबर (आईएएनएस)। योगासनों को दिनचर्या में शामिल कर शारीरिक और मानसिक समस्याओं को बाय-बाय किया जा सकता है। इसकी शुरुआत आप तीन सरल आसनों के अभ्यास से कर सकते हैं।
नई दिल्ली, 3 दिसंबर (आईएएनएस)। अंक ज्योतिष की मानें, तो हमारे जीवन पर हमारी जन्मतिथि का बहुत गहरा असर पड़ता है। इसलिए अगर आप जानते हैं कि किसी का मूलांक 5 है, तो बस समझ जाइए कि ये लोग दिलफेंक आशिक होते हैं और प्यार में पड़ने में एकदम तेज होते हैं। ऐसे लोग मिलते ही अपने चार्म से सामने वाले को आकर्षित कर लेते हैं।
नई दिल्ली, 3 दिसंबर (आईएएनएस)। सुबह उठते ही घुटनों में चुभन, उंगलियों में जकड़न, चलते-फिरते जोड़ों से आती कट-कट की आवाज और दिनभर बेचैनी? गठिया या अर्थराइटिस के मरीज इन तकलीफों से हर रोज गुजरते हैं। योगासन को दिनचर्या में शामिल कर इन तकलीफों से मुक्ति पाई जा सकती है।
नई दिल्ली, 3 दिसंबर (आईएएनएस)। सर्दियों में ज्यादातर घरों में खांसी, गले की खराश और बुखार की शिकायत देखने को मिलती है। प्रकृति ने फल-फूल के रूप में कई ऐसी औषधियां दी है, जो स्वास्थ्य के लिए उत्तम होती हैं। ऐसी ही एक औषधि का नाम बनफशा का फूल है।
नई दिल्ली, 3 दिसंबर (आईएएनएस)। प्रकृति ने ऐसे कई तोहफे महत्वपूर्ण औषधियों के रूप में दिए हैं, जिसके सेवन से स्वस्थ रहा जा सकता है। ऐसे ही एक तोहफे का नाम नागलिंग है, जिसका फल तोप के गोले सा दिखता है।
नई दिल्ली, 3 दिसंबर (आईएएनएस)। आज के व्यस्त समय में तन-मन दोनों को स्वस्थ रखना है तो योग और प्राणायाम सबसे सही विकल्प है। नाड़ीशोधन प्राणायाम को सबसे सरल और प्रभावी तकनीकों में से एक माना जाता है। यह प्राणायाम न केवल सांस को संतुलित करता है, बल्कि मन-मस्तिष्क पर गहरा सकारात्मक प्रभाव डालता है।
नई दिल्ली, 3 दिसंबर (आईएएनएस)। आज की जीवनशैली मशीनों पर निर्भर हो रही है। कंप्यूटर और गैजेट के सहारे लोग कुर्सी या बिस्तर से हिलते नहीं हैं और शारीरिक गतिविधियां कम हो गई हैं।
दिल्ली, 03 दिसंबर (आईएएनएस)। सर्दियों के मौसम में भूख बढ़ जाती है, क्योंकि पाचन अग्नि दोगुनी तेजी से काम करती है। ऐसे में तला, भुना और नमकीन खाने का मन करता है।