'पोर्ट आर्थर विजय' कई मायनों में खास, यूरोप की बादशाहत को पहुंची थी चोट
नई दिल्ली, 1 जनवरी (आईएएनएस)। रूस-जापान युद्ध के दौरान 'पोर्ट आर्थर' पर जापान की निर्णायक विजय को इतिहासकार केवल एक सैन्य घटना नहीं, बल्कि विश्व शक्ति संतुलन में आए बड़े बदलाव के रूप में देखते हैं। यही कारण है कि 2 जनवरी 1905 की इस घटना का उल्लेख कई प्रसिद्ध पुस्तकों और ऐतिहासिक भाषणों में प्रतीकात्मक उदाहरण के रूप में किया गया है। पोर्ट आर्थर की हार ने यह स्पष्ट कर दिया था कि आधुनिक युद्ध और संगठन के बल पर एक एशियाई राष्ट्र भी यूरोपीय साम्राज्य को पराजित कर सकता है।