विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह का म्यांमार दौरा: द्विपक्षीय संबंधों को सुदृढ़ करने पर जोर

IANS | April 6, 2026 8:50 PM

नई दिल्ली, 6 अप्रैल (आईएएनएस)। विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह 8 से 11 अप्रैल, 2026 तक म्यांमार की आधिकारिक यात्रा पर जाएंगे। यह दौरा म्यांमार सरकार (जीओएम) के निमंत्रण पर हो रहा है और इसे भारत-म्यांमार संबंधों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

गर्मियों में गुणकारी 'खसखस': ठंडक, ताजगी और एनर्जी ही नहीं पोषक तत्वों का भी खजाना

IANS | April 6, 2026 6:28 PM

नई दिल्ली, 6 अप्रैल (आईएएनएस)। गर्मियों में जब तेज धूप और लू शरीर को थका देती है, तब एक पुराना और असरदार घरेलू उपाय खसखस का शरबत याद आता है। छोटे-छोटे सफेद दानों से बना यह पेय न सिर्फ ठंडक पहुंचाता है, बल्कि ताकत और ताजगी भी देता है। दादी-नानी की रसोई में हमेशा मौजूद खसखस वाकई गर्मी के लिए अमृत समान है।

गेहूं-चावल का स्टॉक भरपूर, कमजोर तबकों को उपलब्ध कराया जा रहा अनाज: भारत सरकार

IANS | April 6, 2026 5:49 PM

नई दिल्ली, 6 अप्रैल (आईएएनएस)। पश्चिम एशिया संकट के बीच भारत सरकार ने देशवासियों को भरोसा दिलाया है कि भारत में अन्न की कमी नहीं है। खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग के अनुसार देश में अन्न का स्टॉक पर्याप्त है, गेहूं-चावल 600 लाख मिट्रिक टन से भी ज्यादा है।

आर्टेमिस II मिशन के अंतरिक्ष यात्रियों ने हैनसेन ओरियन कैप्सूल की खिड़की से देखा चांद, बताया अपना अनुभव

IANS | April 6, 2026 11:34 AM

वांशिंगटन, 6 अप्रैल (आईएएनएस)। नेशनल एरोनॉटिक्स एंड स्पेस एडमिनिस्ट्रेशन (नासा) के अंतरिक्ष यात्री क्रिस्टीना कोच, रीड वाइसमैन, विक्टर ग्लोवर और जेरेमी हैनसेन ओरियन कैप्सूल से आर्टेमिस-II मून मिशन पर गए हुए हैं। नासा के अंतरिक्ष यात्रियों ने स्थानीय समयानुसार रविवार को अमेरिकी मीडिया को बताया कि उन्होंने हैनसेन ओरियन कैप्सूल की खिड़की से चंद्रमा को देखा।

आर्टेमिस-II के कैमरे में कैद 20 करोड़ साल पुरानी टक्कर का निशान, एस्ट्रोनॉट ने दिखाई पृथ्वी के 'मैनिकौगन क्रेटर' की झलक

IANS | April 6, 2026 9:35 AM

नई दिल्ली, 6 अप्रैल (आईएएनएस)। अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा का आर्टेमिस मून मिशन क्रू जैसे-जैसे चांद के करीब पहुंच रहा है, रोचक जानकारी के साथ चांद और पृथ्वी की नई झलक भी दिखा रहा है। इसी कड़ी में एस्ट्रोनॉट क्रिस विलियम्स ने कैमरे में कैद पृथ्वी के 20 करोड़ साल पुराने टकराव के निशान यानी 'मैनिकौगन क्रेटर' की झलक सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए दिखाई।

काशी का अद्भुत 17वीं शताब्दी का शिवालय, जहां रावण वध के बाद श्रीरामचंद्र ने किए थे महादेव के दर्शन

IANS | April 5, 2026 11:55 PM

वाराणसी, 5 अप्रैल (आईएएनएस)। देवाधिदेव महादेव की नगरी काशी के कण-कण में उनका वास माना जाता है। छोटे-बड़े हर एक मंदिर की अपनी एक दिव्यता और अद्भुत भक्ति में लिपटी मान्यता है। महादेव को समर्पित ऐसा ही एक मंदिर है, जो उनके अराध्य मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीरामचंद्र से भी जुड़ा है।

भीषण गर्मी में राहत का दूसरा नाम सूती कपड़े, हल्के रंगों का चुनाव भी जरूरी

IANS | April 5, 2026 10:20 PM

नई दिल्ली, 5 अप्रैल (आईएएनएस)। देश के कई हिस्सों का तापमान तेजी से बढ़ता जा रहा है। ऐसे में चिलचिलाती धूप, उमस और लू के थपेड़ों के बीच किस तरह के कपड़े पहनें, यह एक बड़ी समस्या है। भीषण गर्मी से बचने के लिए सूती कपड़ों से बेहतर विकल्प और कुछ नहीं है।

शरीर के चक्रों और न्यूरॉन्स को एक्टिव करता है 'ओम', जानें इसके पीछे का विज्ञान

IANS | April 5, 2026 9:46 PM

नई दिल्ली, 5 अप्रैल (आईएएनएस)। सनातन धर्म में ‘ओम’ का बेहद महत्व है। किसी भी मंत्र का जाप हो या ध्यान लगाना, इसका उच्चारण सिर्फ आध्यात्मिक महत्व नहीं रखता, बल्कि यह स्वास्थ्य के लिए भी फायदेमंद है। ‘ओम’ का उच्चारण शरीर के सातों चक्र को सक्रिय करता है, न्यूरॉन्स को जागृत करता है और पूरे तंत्रिका तंत्र पर सकारात्मक प्रभाव डालता है।

सड़क सुरक्षा को लेकर धोनी कुछ करते हैं तो बड़ा बदलाव आएगा : हेलमेट मैन राघवेंद्र कुमार

IANS | April 5, 2026 9:24 PM

नई दिल्ली, 5 अप्रैल (आईएएनएस)। भारत में हेलमेट मैन के नाम से लोकप्रिय राघवेंद्र कुमार का कहना है कि अगर भारतीय टीम के पूर्व कप्तान एमएस धोनी सड़क सुरक्षा के लिए कुछ पहल करते हैं, तो इससे बहुत बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। राघवेंद्र ने कहा कि धोनी लोगों के बीच काफी मशहूर हैं और उनकी बात हर कोई मानता है।

दांडी मार्च : महिलाओं की ऐतिहासिक भागीदारी…कैसे नमक सत्याग्रह बना जनक्रांति

IANS | April 5, 2026 3:36 PM

नई दिल्ली, 5 अप्रैल (आईएएनएस)। 1930 के उस दौर में अंग्रेजों ने नमक पर इतना ज्यादा टैक्स लगा रखा था कि कीमत आम जनता के लिए बहुत बढ़ गई थी। जब महात्मा गांधी ने 'नमक' को हथियार बनाने की बात कही, तो जवाहरलाल नेहरू और सरदार पटेल जैसे दिग्गज नेता भी सोच में पड़ गए थे। उन्हें लगा कि आम नमक से कैसी क्रांति? लेकिन गांधी जी की दूरदृष्टि उस समय किसी आम नेता की समझ से बहुत आगे थी।