सर्दियों में सरसों का साग: सेहत का कवच और स्वाद का साथी

IANS | December 19, 2025 8:49 PM

नई दिल्ली, 19 दिसंबर (आईएएनएस)। सर्दियों के आते ही सरसों का साग घर की रसोई में खुशबू बिखेरने लगता है। यह सिर्फ स्वादिष्ट नहीं, बल्कि पूरे शरीर के लिए एक स्वास्थ्य कवच की तरह है। आयुर्वेद के अनुसार यह शरीर की आंतरिक गर्मी को बनाए रखता है।

अंतरराष्ट्रीय मानव एकता दिवस 2025: इंसानियत से बड़ा कोई धर्म नहीं, जानें उद्देश्य और महत्व

IANS | December 19, 2025 8:42 PM

नई दिल्ली, 19 दिसंबर (आईएएनएस)। अंतरराष्ट्रीय मानव एकता दिवस हर साल 20 दिसंबर को मनाया जाता है। इसका उद्देश्य लोगों के बीच भाईचारे, सहयोग और समानता की भावना को मजबूत करना है। यह दिन हमें याद दिलाता है कि चाहे हम किसी भी देश, धर्म, भाषा या संस्कृति से आते हों, मानवता हमें एक साथ जोड़ती है।

अनंत वासुदेव मंदिर : प्राचीन पद्धति से महाप्रसाद का निर्माण, महाभारत से जुड़ा विशेष रहस्य

IANS | December 19, 2025 3:39 PM

भुवनेश्वर, 19 दिसंबर (आईएएनएस)। भगवान विष्णु को समर्पित देश भर में कई चमत्कारी मंदिर हैं, जो उनके अलग-अलग रूपों का प्रतिनिधित्व करते हैं। ओडिशा के भुवनेश्वर में भगवान विष्णु के पुराने और सबसे प्रसिद्ध मंदिरों में अनंत वासुदेव मंदिर शामिल है, जहां के प्रसाद को श्री जगन्नाथ मंदिर के प्रसाद जितना पवित्र माना जाता है। मंदिर की रसोई में महाप्रसाद पुरानी पद्धति और पूरी आस्था के साथ पकाया जाता है।

सर्दियों में ऐसा रखें आहार : गर्म रहेगा शरीर, मजबूत होगी इम्युनिटी

IANS | December 19, 2025 1:14 PM

नई दिल्ली, 19 दिसंबर (आईएएनएस)। सर्दियों का मौसम अपने साथ कई तरह की बीमारियां भी लेकर आता है। इस मौसम में शरीर को गर्म रखना और रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाना बहुत जरूरी होता है। सही और संतुलित आहार से इम्युनिटी को बूस्ट और शरीर को गर्म रखा जा सकता है।

बिहार में जीविका दीदी बनीं 'सीएम, आत्मनिर्भर बनकर महिलाओं को दिखा रहीं राह

IANS | December 19, 2025 11:12 AM

पटना, 19 दिसंबर (आईएएनएस)। इतने विशाल देश में हर किसी को नौकरी देना असंभव सा है, लेकिन केंद्र और राज्य सरकारें आज कई योजनाओं के जरिए लोगों खासकर महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने में जुटी हैं। इसी क्रम में बिहार में ‘जीविका दीदी’ न सिर्फ आत्मनिर्भर हो रही हैं, बल्कि अपने-अपने इलाकों में सीएम (कम्युनिटी मोटीवेटर) बनकर सैकड़ों महिलाओं को रोजगार की राह भी दिखा रही हैं। भागलपुर जिले के पीरपैंती, सबौर और जगदीशपुर प्रखंड से सामने आई कहानियां इस बदलाव की जीवंत मिसाल हैं।

सर्दियों में क्यों हाथ और पैरों की उंगलियों में हो जाती है सूजन? जानें कैसे मिलेगी राहत

IANS | December 19, 2025 10:49 AM

नई दिल्ली, 19 दिसंबर (आईएएनएस)। सर्दियों की शुरुआत से ही स्किन और बालों से जुड़ी दिक्कतें परेशान करने लगती हैं। ज्यादा सर्दी होने पर हाथ और पैरों की उंगलियां सूजने लगती हैं, जिसमें दर्द के साथ-साथ खुजली भी होने लगती है।

क्या आप भी खाते हैं जल्दबाजी में खाना? इस बड़ी समस्या को तो नहीं दे रहे दावत

IANS | December 18, 2025 11:47 PM

नई दिल्ली, 18 दिसंबर (आईएएनएस)। आज की भागदौड़ भरी और व्यस्त जिंदगी में खुद के लिए समय निकालना आसान नहीं है। ऐसे में खाना खाना हो या अन्य कोई काम हड़बड़ाकर या जल्दबाजी में होना लाजमी है। हालांकि, यह बहुत बड़ी समस्या की वजह बन सकती है। जी हां, बात हो रही है पेट में बनने वाली गैस की, जिसे सौ समस्याओं की एक वजह कहा जा सकता है।

आंखों के लिए संजीवनी नेत्र शक्ति विकासक, तेज होगी रोशनी, मिटेगी थकान

IANS | December 18, 2025 9:47 PM

नई दिल्ली, 18 दिसंबर (आईएएनएस)। आज के डिजिटल समय में मोबाइल, कंप्यूटर और लैपटॉप जैसे गैजेट्स पर लंबे समय तक काम करना आम बात हो गई है। वहीं, स्क्रीन के सामने ज्यादा समय बिताने के कारण आंखों की समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। ऐसे में 'नेत्र शक्ति विकासक' का अभ्यास प्रभावी समाधान साबित होता है।

गाजियाबाद के युवक को 'इच्छा मृत्यु' देने की मांग, सुप्रीम कोर्ट ने कहा- माता-पिता से बात करने के बाद होगा फैसला

IANS | December 18, 2025 9:11 PM

गाजियाबाद, 18 दिसंबर (आईएएनएस)। पिछले करीब 12 साल से अचेत अवस्था में बिस्तर पर पड़े गाजियाबाद के हरीश राणा को पैसिव यूथेनेशिया (इच्छा मृत्यु) देने पर कोई फैसला लेने से पहले सुप्रीम कोर्ट ने एक बार उनके घरवालों से बात करने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए कोर्ट ने लड़के के माता-पिता को 13 जनवरी को आने को कहा है।

सिंहावलोकन 2025: कानूनी फैसलों में फंसे दुनिया के कई बड़े नेता, शेख हसीना को सुनाई गई सजा-ए-मौत

IANS | December 18, 2025 9:08 PM

नई दिल्ली, 18 दिसंबर (आईएएनएस)। साल 2025 वैश्विक राजनीति के इतिहास में उस मोड़ की तरह दर्ज हुआ, जब सत्ता के शिखर पर बैठे नेताओं को अदालतों और संसदों के सामने जवाब देना पड़ा। यह वर्ष इस अर्थ में असाधारण रहा कि लोकतंत्र के अलग-अलग मॉडलों वाले देशों में भी एक साझा संदेश उभरा—कानून से ऊपर कोई नहीं। बांग्लादेश से लेकर दक्षिण कोरिया तक, न्यायिक और संवैधानिक फैसलों ने सत्ता की ताक़त और उसकी सीमाओं को नए सिरे से परिभाषित किया।