सावित्रीबाई फुले: कीचड़, पत्थर और तानों के बीच जलाई नारी शिक्षा की मशाल, सदियों की गुलामी को दी चुनौती

IANS | January 2, 2026 12:54 PM

नई दिल्ली, 2 जनवरी (आईएएनएस)। पुणे की संकरी गलियों में साल 1848 की एक सुबह एक महिला अपने घर से निकली। उसके हाथ में कुछ किताबें थीं और आंखों में एक अजीब सा आत्मविश्वास। जैसे ही वह सड़क पर आगे बढ़ी, गलियों के कोनों पर खड़े लोग फुसफुसाने लगे। अचानक एक पत्थर उनके कंधे पर आकर लगा।

दिल्ली शब्दोत्सव : आज मंच से बोलेंगे शब्द, भारत की संस्कृति, सभ्यता, समाज का दिखेगा रंग

IANS | January 2, 2026 10:48 AM

नई दिल्ली, 2 जनवरी (आईएएनएस)। राष्ट्रीय राजधानी में शुक्रवार से तीन दिवसीय भारतीय साहित्यिक और सांस्कृतिक उत्सव "दिल्ली शब्दोत्सव 2026" का शुभारंभ होगा। इस उत्सव में देश के एक सौ से अधिक लेखक, फिल्मकार, विचारक, पत्रकार, विधि विशेषज्ञ और युवा प्रेरणास्रोत शामिल होंगे। नई दिल्ली के मेजर ध्यानचंद स्टेडियम में बने तीन मंचों पर लगातार संवाद और प्रस्तुतियां होंगी।

साइटिका के दर्द से बेहाल है हाल? धनुरासन से मिलेगा आराम

IANS | January 1, 2026 11:50 PM

नई दिल्ली, 1 जनवरी (आईएएनएस)। साइटिका एक आम लेकिन तकलीफदेह समस्या है जो पीठ के निचले हिस्से से शुरू होकर कूल्हे, जांघ और पैर तक तेज दर्द पहुंचाती है। यह शरीर की सबसे बड़ी नर्व यानी साइटिक नर्व के दबने या उसमें सूजन आने के कारण होती है। राहत की बात यह है कि योगासन से इस समस्या को मात दी जा सकती है।

तेल स्नान: मौसमी बीमारियों से मिलेगी सुरक्षा, मजबूत होगा शरीर

IANS | January 1, 2026 11:21 PM

नई दिल्ली, 1 जनवरी (आईएएनएस)। मौसम के बदलते ही शरीर पर सबसे पहले अटैक मौसमी बीमारियों का होता है। ऐसे में तेल स्नान बेहद कारगर होता है। सिद्ध प्रणाली की पारंपरिक चिकित्सा पद्धति में तेल स्नान को एक महत्वपूर्ण और प्रभावी अभ्यास के रूप में मान्यता प्राप्त है।

ब्लड प्रेशर नियंत्रित कर एनीमिया दूर करती है दूर्वा, सेवन से मिलते कई लाभ

IANS | January 1, 2026 9:03 PM

नई दिल्ली, 1 जनवरी (आईएएनएस)। विघ्न विनाशन भगवान गणेश की पूजा में कोमल हरी दूर्वा (दूब घास) अर्पित किए बिना अधूरी समझी जाती है। यह सामान्य सी दिखने वाली घास औषधीय गुणों से भरपूर मानी जाती है। दूर्वा में कैल्शियम, आयरन, फॉस्फोरस, फाइबर, प्रोटीन और पोटैशियम जैसे आवश्यक पोषक तत्व भरपूर होते हैं, जो विभिन्न स्वास्थ्य समस्याओं से राहत प्रदान करने में सहायक हैं।

'चिंता मत करो पिताजी…', सेना की कहानियों में पला बच्चा जब बना कारगिल का योद्धा, मेजर विवेक गुप्ता की अमर गाथा

IANS | January 1, 2026 7:50 PM

नई दिल्ली, 1 जनवरी (आईएएनएस)। सेना की जिंदगी और सेना में होने के सम्मान के बारे में कहानियां देहरादून के गुप्ता परिवार में एक छोटी उम्र के लड़के को नई लड़ाई के लिए तैयार कर रही थीं। वक्त के साथ शौर्य और पराक्रम की कहानियों ने एक ऐसा असली योद्धा पैदा किया, जिसने 1999 के कारगिल युद्ध में नया इतिहास रच दिया।

'पोर्ट आर्थर विजय' कई मायनों में खास, यूरोप की बादशाहत को पहुंची थी चोट

IANS | January 1, 2026 7:48 PM

नई दिल्ली, 1 जनवरी (आईएएनएस)। रूस-जापान युद्ध के दौरान 'पोर्ट आर्थर' पर जापान की निर्णायक विजय को इतिहासकार केवल एक सैन्य घटना नहीं, बल्कि विश्व शक्ति संतुलन में आए बड़े बदलाव के रूप में देखते हैं। यही कारण है कि 2 जनवरी 1905 की इस घटना का उल्लेख कई प्रसिद्ध पुस्तकों और ऐतिहासिक भाषणों में प्रतीकात्मक उदाहरण के रूप में किया गया है। पोर्ट आर्थर की हार ने यह स्पष्ट कर दिया था कि आधुनिक युद्ध और संगठन के बल पर एक एशियाई राष्ट्र भी यूरोपीय साम्राज्य को पराजित कर सकता है।

यादों में अनवर : भगवद् गीता के उर्दू अनुवादक, मुशायरों के चहेते और सामाजिक सौहार्द के रहे पैरोकार

IANS | January 1, 2026 7:24 PM

नई दिल्ली, 1 जनवरी (आईएएनएस)। साल था 2018 और तारीख थी 2 जनवरी… जब उर्दू शायरी की दुनिया में अजीब सी खामोशी छा गई। इस दिन उस शख्स ने दुनिया को अलविदा कह दिया, जिसकी आवाज ने मुशायरों को रौशन किया, जिसकी कलम ने संस्कृत के श्लोकों को उर्दू के शेरों में ढाला। उस शख्स ने साहित्य को सामाजिक सौहार्द का जरिया बनाया और उनका नाम था अनवर जलालपुरी।

कूथंडावर मंदिर की अनोखी परंपरा, पहले विवाह फिर मौत का मातम

IANS | January 1, 2026 7:14 PM

नई दिल्ली, 1 जनवरी (आईएएनएस)। भारत में स्थित हर मंदिर अपने में रहस्यों और कहानियों को संजोए हुए है। मंदिरों में भक्त अपने कष्टों के निवारण के लिए जाते हैं और सुख-समृद्धि का आशीर्वाद भी मांगते हैं। तमिलनाडु में एक मंदिर ऐसा है, जहां पहले विवाह होता है और फिर मौत का मातम मनाया जाता है।

संभावनाओं का साल 2026: बदलाव की आहट, दुबई से मियामी तक वैश्विक शिखर सम्मेलनों से आकार लेगा भविष्य

IANS | January 1, 2026 3:56 PM

नई दिल्ली, 1 जनवरी (आईएएनएस)। साल 2026 को दुनिया ऐसे समय के रूप में देख रही है जब वैश्विक राजनीति, अर्थव्यवस्था, तकनीक और पर्यावरण से जुड़े फैसले एक-दूसरे से गहराई से जुड़ते नजर आएंगे। नव वर्ष के पहले दिन दुनिया के सभी लीडर्स ने अपने संदेश में वैश्विक शांति, सम्मान और साझेदारी की बात की। इस साल कई बैठक और सम्मेलन होंगे जिन पर सभी की नजर होगी। कुछ प्रमुख सम्मेलनों पर नजर रखना इसलिए भी जरूरी है क्योंकि ये उज्जवल भविष्य का वादा करते हैं।