दिल्ली शब्दोत्सव 2026: नाम बदलने से क्या होता है? पूर्व एएसआई निदेशक ने दिया इसका जवाब

IANS | January 3, 2026 3:47 PM

नई दिल्ली, 3 जनवरी (आईएएनएस)। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) के पूर्व निदेशक धर्मवीर शर्मा ने 'नामकरण' पर राजनीति करने वाले विरोधियों को करारा जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि नाम बदलने से इतिहास खत्म हो जाता है और यही प्रयास भारत व सनातन धर्म के इतिहास को मिटाने के लिए किए गए। उन्होंने दिल्ली स्थित कुतुब मीनार और उत्तर प्रदेश के फतेहपुर सीकरी का उदाहरण दिया।

दिल्ली शब्दोत्सव 2026 : लेखिका अमी गणत्रा ने कहा- समाज को रामराज्य की ओर लेकर जाना है तो श्रीराम जैसा बनना पड़ेगा

IANS | January 3, 2026 3:19 PM

नई दिल्ली, 3 जनवरी (आईएएनएस)। राजधानी दिल्ली के नेशनल स्टेडियम में आयोजित 'दिल्ली शब्दोत्सव 2026' कार्यक्रम के दूसरे दिन 'हिंदू इतिहास' के विषय पर चर्चा की गई है। कई लेखकों और इतिहासकारों ने भारतीय साहित्य और संस्कृति को लेकर अपने विचार रखे। इस दौरान लेखिका अमी गणत्रा ने कहा कि समाज को रामराज्य की ओर लेकर जाना है तो श्रीराम जैसा बनना पड़ेगा।

जब 'मौत' ने दिया कवि को जिंदगी का वरदान, जानें गोपालदास नीरज की कहानी

IANS | January 3, 2026 1:24 PM

नई दिल्ली, 3 जनवरी (आईएएनएस)। यह कहानी है एक ऐसी शख्यियत की, जिन्हें 'मौत' लंबी उम्र का आशीर्वाद देकर गई तो ईश्वर ने खास कला और हुनर के रूप में हसीन मेहरबानियां कीं। बात हो रही है कि कवि और लेखक गोपालदास नीरज की, जिन्हें हिंदी साहित्य में एक काव्य वाचक और गीत लेखक के रूप में पहचान मिली।

शब्दोत्सव 2026: 'इतिहास' शब्द भारत की देन, वेद जितना प्राचीन है हमारा इतिहास- आचार्य मिथिलेशनन्दिनीशरण

IANS | January 3, 2026 12:34 PM

नई दिल्ली, 3 जनवरी (आईएएनएस)। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में आयोजित 'शब्दोत्सव 2026' के दूसरे दिन भारत के इतिहास को लेकर एक अहम और विचारोत्तेजक चर्चा देखने को मिली। 'क्या भारत का इतिहास कभी लिखा ही नहीं गया?' जैसे सवाल पर जवाब देते हुए अयोध्या धाम के हनुमन्निवास पीठाधीश्वर आचार्य मिथिलेशनन्दिनीशरण ने इसे पूरी तरह से झूठ और दुष्प्रचार करार दिया।

तीन साल का बच्चा, एक हादसा और 6 बिंदुओं से हुई क्रांति, जानें लुई ब्रेल की कहानी

IANS | January 3, 2026 12:13 PM

नई दिल्ली, 3 जनवरी (आईएएनएस)। कभी-कभी इतिहास की सबसे बड़ी क्रांतियां किसी भयानक दुर्घटना की कोख से जन्म लेती हैं। एक ऐसा हादसा, जो देखने में अंत लगता है, आगे चलकर अनगिनत लोगों के जीवन में नई शुरुआत बन जाता है। कुछ ऐसी ही है लुई ब्रेल की कहानी। पेरिस के पास बसे एक छोटे से गांव में घटित एक घटना ने न सिर्फ एक मासूम की दुनिया बदल दी, बल्कि आने वाले समय में दृष्टिहीनता को देखने का नजरिया भी हमेशा के लिए बदल दिया।

संभावनाओं का साल 2026 : आदित्य-एल1 से सौर तूफानों की भविष्यवाणी में भारत को मिल सकती है बड़ी बढ़त

IANS | January 3, 2026 11:34 AM

नई दिल्ली, 3 जनवरी (आईएएनएस)। 'सोलर मिशन' आदित्य-एल1 के योगदान से भारत शक्तिशाली सौर तूफानों को समझने और उनकी भविष्यवाणी करने के लिए बेहतर रूप से तैयार है। भारत के 'सोलर मिशन' से नए साल यानी 2026 में विज्ञान के क्षेत्र में नए चमत्कार देखने की संभावनाएं और अधिक होंगी।

कैल्शियम से भरपूर तिल है हड्डियों के लिए वरदान, सेवन से मिलेंगे गजब के लाभ

IANS | January 2, 2026 11:52 PM

नई दिल्ली, 2 जनवरी (आईएएनएस)। गड़बड़ भोजन और अनियमित दिनचर्या शरीर को धीरे-धीरे बीमार बना देती है। ऐसे में हड्डियां कमजोर हो जाती हैं और मांसपेशियां ढीली पड़ जाती हैं। जोड़ों में दर्द, पीठ दर्द और थकान जैसी समस्याएं आम हो जाती हैं, लेकिन प्रकृति ने इसका सरल समाधान दिया है तिल। तिल के छोटे-छोटे बीज कैल्शियम, मैग्नीशियम और फॉस्फोरस जैसे जरूरी मिनरल्स से भरपूर होते हैं।

आकर्ण धनुरासन : रीढ़ की हड्डियों के लिए वरदान, मांसपेशियों को बनाता है मजबूत

IANS | January 2, 2026 11:19 PM

नई दिल्ली, 2 जनवरी (आईएएनएस)। आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में घंटों ऑफिस की कुर्सी पर एक ही मुद्रा में बैठना, अनियमित दिनचर्या और पोषक तत्वों की कमी से रीढ़ की हड्डी में दर्द और मांसपेशियां कमजोर होना आम समस्या बन गई है। इससे पीठ दर्द, जकड़न और पोस्चर खराब होने की शिकायतें बढ़ रही हैं। लेकिन प्राचीन योग का एक आसन आकर्ण धनुरासन इन समस्याओं का सरल और प्रभावी समाधान देता है।

सत्व, रजस या तमस : कैसा भोजन करते हैं आप? जानें क्या कहती है सिद्ध चिकित्सा

IANS | January 2, 2026 11:04 PM

नई दिल्ली, 2 जनवरी (आईएएनएस)। पुरानी कहावत है, "जैसा अन्न, वैसा मन और वैसी ही सेहत।" यानी हम जो खाते हैं, उसका असर हमारे मन और शरीर दोनों पर पड़ता है। प्राचीन सिद्ध चिकित्सा प्रणाली में भी भोजन को इसी नजरिए से देखा जाता है। इस चिकित्सा पद्धति के अनुसार भोजन तीन प्रकार का होता है, जो हमारे तीन गुणों-सत्व (उत्तम और शुद्ध), रजस (सक्रिय और उत्तेजक) और तमस (निष्क्रिय और सुस्त) को प्रभावित करता है।

चार बजे की साधना और चार आने का इनाम: एमएस गोपालकृष्णन की कहानी, जिसे अमेरिकी वायलिन वादक ने भी सलाम किया

IANS | January 2, 2026 10:20 PM

नई दिल्ली, 2 जनवरी (आईएएनएस)। भारतीय शास्त्रीय संगीत के इतिहास में कुछ नाम ऐसे हैं, जो सिर्फ कलाकार नहीं, बल्कि एक पूरी परंपरा के संवाहक हैं। ऐसा ही एक नाम है एमएस गोपालकृष्णन, जिन्हें उनके चाहने वाले 'एमएसजी' कहकर बुलाया करते थे। वे महान वायलिन वादकों में गिने जाते हैं और भारत में अकेले ऐसे कलाकार रहे, जिन्होंने कर्नाटक और हिंदुस्तानी दोनों शास्त्रीय संगीत में सोलो कॉन्सर्ट कलाकार के रूप में प्रदर्शन किया।