स्पेस में ‘सेल टावर’ की तरह काम करता है 'स्पेस नेटवर्क', जानें पृथ्वी पर कैसे पहुंचता है वैज्ञानिक डेटा

IANS | April 1, 2026 1:06 PM

नई दिल्ली, 1 अप्रैल (आईएएनएस)। अंतरिक्ष में रह रहे एस्ट्रोनॉट्स और पृथ्वी पर बैठी टीम के बीच निरंतर संपर्क बनाए रखना बहुत जरूरी है। वैज्ञानिक इसी काम के लिए ‘स्पेस नेटवर्क’ नामक एक एडवांस कम्युनिकेशन सिस्टम का इस्तेमाल करता है। यह नेटवर्क अंतरिक्ष यात्रियों को पृथ्वी और इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन से जुड़े रहने में मदद करता है।

क्या आपका बच्चा कम खाता और जल्दी थक जाता है? हो सकती है ये गंभीर समस्या, जानें समाधान

IANS | April 1, 2026 10:58 AM

नई दिल्ली, 1 अप्रैल (आईएएनएस)। बच्चे अक्सर अपनी मर्जी से काम करते हैं कभी खाना कम खाते हैं, तो कभी खेलने में इतना मगन हो जाते हैं कि पढ़ाई-लिखाई की ओर ध्यान नहीं देते। लेकिन अगर आपका बच्चा लगातार कम खा रहा है, जल्दी थक जाता है, खेलने में रुचि नहीं दिखाता और पढ़ाई में भी पिछड़ने लगा है, तो इसे हल्के में न लें।

2 अप्रैल का पंचांग : श्रीराम भक्त हनुमान का जन्मोत्सव, नोट कर लें शुभ-अशुभ समय

IANS | April 1, 2026 8:52 AM

नई दिल्ली, 1 अप्रैल (आईएएनएस) चैत्र मास की पूर्णिमा तिथि 2 अप्रैल गुरुवार को है। इस दिन श्रीराम के परम भक्त हनुमान का जन्मोत्सव मनाया जाएगा। हनुमान जी को शक्ति, भक्ति, साहस और सेवाभाव का प्रतीक माना जाता है। इस पावन अवसर पर देशभर में हनुमान मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना, रामायण पाठ और भजन-कीर्तन का आयोजन होता है।

काशी का प्राचीनतम नारायण मंदिर, जहां भगवान विष्णु ने सबसे पहले रखा था कदम

IANS | March 31, 2026 9:58 PM

वाराणसी, 31 मार्च (आईएएनएस)। देवाधिदेव महादेव की नगरी काशी को देवों की नगरी भी कहा जाता है। यहां स्थित छोटे-बड़े हर मंदिर की अपनी एक कथा और भक्तिभाव से भरपूर मान्यता भी है। गंगा और वरुणा नदी के संगम पर नारायण को समर्पित अति प्राचीन मंदिर स्थित है। मान्यता है कि भगवान विष्णु ने काशी में सबसे पहले यहीं पर कदम रखा था।

राष्ट्रीय पीएनजी अभियान 2.0 की समय सीमा बढ़ाई गई: पेट्रोलियम मंत्रालय

IANS | March 31, 2026 6:35 PM

नई दिल्ली, 31 मार्च (आईएएनएस)। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने के मद्देनजर भारत सरकार ने देश में ऊर्जा आपूर्ति, समुद्री संचालन और विदेशों में रह रहे भारतीयों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कई अहम कदम उठाए हैं। वहीं बदलते हालात के बीच सरकार ने राष्ट्रीय पीएनजी अभियान 2.0 की समय सीमा भी बढ़ा दी है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति पूरी तरह नियंत्रण में है।

क्यों लोग बनाते हैं एक-दूसरे को 'अप्रैल फूल'? जानिए कैसे हुई इसकी शुरुआत

IANS | March 31, 2026 5:31 PM

नई दिल्ली, 31 मार्च (आईएएनएस)। हर साल 1 अप्रैल आते ही लोग अपने दोस्तों, परिवार और कभी-कभी अजनबियों को भी हंसाने-फंसाने में लग जाते हैं। किसी को नकली खबर भेज देते हैं, किसी के बैग में मजाकिया चीज रख देते हैं या कुछ और करते हैं और फिर देखते हैं कि सामने वाला कैसे हंसता या गुस्सा होता है। यही है अप्रैल फूल्स डे, एक ऐसा दिन जब दुनिया थोड़ी हल्की-फुल्की हो जाती है।

गर्मियों में करेले का सेवन फायदेमंद, डायबिटीज-पाचन की समस्याओं से दिलाएगा राहत

IANS | March 31, 2026 3:09 PM

नई दिल्ली, 31 मार्च (आईएएनएस)। गर्मी का मौसम शुरू होते ही पाचन संबंधी समस्याएं, ब्लड शुगर बढ़ना, थकान और कमजोरी आम हो जाती है। ऐसे में हेल्थ एक्सपर्ट के अनुसार गर्मी के मौसम में करेले का सेवन सेहत के लिए बेहद फायदेमंद होता है। औषधीय गुणों से भरपूर करेला शरीर की कई बीमारियों से बचाव करता है।

दलाई लामा की अपील, 'मिडिल ईस्ट, रूस और यूक्रेन में खत्म हो संघर्ष'

IANS | March 31, 2026 2:07 PM

धर्मशाला, 31 मार्च (आईएएनएस)। बौद्ध धर्मगुरु दलाई लामा ने मिडिल ईस्ट के साथ-साथ रूस और यूक्रेन में भी शांति की अपील की है। उन्होंने कहा कि हिंसा से समस्या का समाधान नहीं निकलता संवाद से मामले सुलझाए जा सकते हैं।

गर्मियों में खाली पेट बाहर निकलना खतरनाक, इन बातों का रखें खास ख्याल

IANS | March 31, 2026 1:14 PM

नई दिल्ली, 31 मार्च (आईएएनएस)। गर्मी का मौसम शुरू होते ही स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं बढ़ने लगती हैं। इस मौसम में खाली पेट घर से बाहर निकलना काफी खतरनाक हो सकता है। तेज धूप, पसीना और डिहाइड्रेशन के कारण चक्कर आना, बेहोशी, उल्टी या कमजोरी जैसी समस्याएं हो सकती हैं, इसलिए गर्मियों में कुछ जरूरी सावधानियां बरतना बहुत जरूरी है।

यादों में हेडगेवार : कैसे एक मेडिकल छात्र बन गया दुनिया के सबसे बड़े संगठन का शिल्पकार

IANS | March 31, 2026 11:23 AM

नई दिल्ली, 31 मार्च (आईएएनएस)। 1 अप्रैल 1889 को नागपुर के एक संभ्रांत ब्राह्मण परिवार में जन्मे केशव बलिराम हेडगेवार ने बहुत कम उम्र में मौत का सबसे खौफनाक चेहरा देखा था। साल 1902 में नागपुर में प्लेग की महामारी फैली थी। उनके माता-पिता ने बिना अपनी जान की परवाह किए मरीजों की सेवा की और इसी कोशिश में दोनों संक्रमित हो गए। महज 13 साल की उम्र में केशव ने एक ही दिन अपने माता-पिता दोनों की चिताओं को एक साथ जलते देखा।