यादों में 'भारत' : भिखारी के रोल से शुरुआत, फिर 'देशभक्ति के सुपरस्टार' बने मनोज कुमार
मुंबई, 3 अप्रैल (आईएएनएस)। 1947 के बंटवारे ने हरिकिशन (मनोज) से उनका घर तो छीन लिया, लेकिन उनके दिल में 'मातृभूमि' के लिए एक ऐसा गहरा प्रेम बो दिया, जो आगे चलकर उनके सिनेमा की आत्मा बना। 1955 में जब वे दिल्ली से आंखों में हीरो बनने का सपना लेकर मुंबई (तब बॉम्बे) पहुंचे, तो राह आसान नहीं थी।