ट्रंप की 'हॉस्पिटल शिप' पर डेनमार्क का जवाब, 'ग्रीनलैंड को इसकी जरूरत नहीं'

IANS | February 22, 2026 5:24 PM

नई दिल्ली, 22 फरवरी (आईएएनएस)। डेनमार्क ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से भेजी जा रही हॉस्पिटल शिप को अस्वीकार कर दिया है। देश की प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिक्सन और रक्षा मंत्री ट्रॉएल्स लुंड पॉल्सन ने ट्रंप का बिना नाम लिए दावा किया कि ग्रीनलैंड को हेल्थकेयर सर्विस की जरूरत नहीं है।

इटली: दौलत त्याग गरीबों की सेवा में संत फ्रांसिस ने बिताया था जीवन, उनके अवशेष अब देख पाएगी दुनिया

IANS | February 22, 2026 4:49 PM

रोम, 22 फरवरी (आईएएनएस)। सेंट फ्रांसिस ऑफ असीसी, यानी इटली स्थित ऐतिहासिक शहर असीसी के संत फ्रांसिस को दुनिया गरीबों का मसीहा मानती है। उन्होंने दौलत त्यागकर अपना जीवन गरीब जनता की सेवा में समर्पित कर दिया था। 13वीं सदी के इस संत को लोग बड़े अदब से याद करते हैं। उनके लिए संत के अवशेषों की झलक भी बड़ी उपलब्धि है। करीब 800 साल बाद उनके अवशेष दुनिया देख पाएगी।

रात में चमकते रहस्यमयी 'नॉक्टिलुसेंट क्लाउड', सूरज डूबने के बाद भी बिखेरते हैं रोशनी

IANS | February 22, 2026 2:03 PM

नई दिल्ली, 22 फरवरी (आईएएनएस)। विज्ञान की दुनिया अनगिनत रहस्यों से भरी हुई है, जो उत्सुकता जगाते हैं और कई बार हैरान भी कर देते हैं। इनमें से एक खास रहस्य है नॉक्टिलुसेंट क्लाउड, जिसे 'रात में चमकने वाले बादल' भी कहा जाता है। ये बादल सामान्य बादलों से बिल्कुल अलग होते हैं और रात के अंधेरे में भी चमक बिखेरते दिखाई देते हैं। अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा इनके बारे में विस्तार से जानकारी देती है।

विश्व चिंतन दिवस: लड़कियों के लिए सौ साल से क्यों खास है यह दिन

IANS | February 22, 2026 12:19 PM

नई दिल्ली, 22 फरवरी (आईएएनएस)। दुनियाभर में हर साल 22 फरवरी को विश्व चिंतन दिवस मनाया जाता है। यह दिन खास तौर पर गर्ल गाइड्स और गर्ल स्काउट्स से जुड़ा हुआ है, जो कि भारत के साथ ही दुनियाभर में उत्साह के साथ मनाया जाता है।

रेचक से चतुर्थ तक, चार प्रकार के होते हैं प्राणायाम, शारीरिक-मानसिक संतुलन में कारगर

IANS | February 22, 2026 12:06 PM

नई दिल्ली, 22 फरवरी (आईएएनएस)। योग और प्राणायाम आज के तनावपूर्ण जीवन में शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं। भारत सरकार के आयुष मंत्रालय ने लोगों को प्राणायाम अपनाने की सलाह दी है। मंत्रालय का कहना है कि नियमित प्राणायाम अभ्यास से सांसों पर नियंत्रण आता है और जीवन में संतुलन स्थापित होता है। मंत्रालय ने प्राणायाम के चारों प्रकार के बारे में विस्तार से जानकारी दी।

23 फरवरी का पंचांग : फाल्गुन शुक्ल की षष्ठी तिथि, नोट कर लें शुभ-अशुभ समय

IANS | February 22, 2026 9:30 AM

नई दिल्ली, 22 फरवरी (आईएएनएस)। सनातन धर्म में पंचांग का विशेष महत्व है। यह जीवन के हर कार्य के लिए शुभ-अशुभ समय बताता है। 23 फरवरी के पंचांग पर नजर डालें तो दिन सोमवार है और फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि है।

आयुर्वेद का प्राचीन उपाय सितोपलादि चूर्ण, खांसी-जुकाम से राहत और इम्युनिटी बढ़ाने में कारगर

IANS | February 21, 2026 11:26 PM

नई दिल्ली, 21 फरवरी (आईएएनएस)। आजकल बढ़ते प्रदूषण और बदलते मौसम की वजह से सांस की तकलीफ, खांसी, जुकाम जैसी समस्याएं आम हो गई हैं। ऐसे में आयुर्वेदाचार्य सितोपलादि चूर्ण के सेवन की सलाह देते हैं। यह प्राचीन आयुर्वेदिक औषधि फेफड़ों को मजबूत करती है, खांसी-जुकाम से तुरंत राहत देती है साथ ही शरीर की इम्युनिटी को बढ़ाती है।

एक हजार साल से भी पुराने अधिष्ठात्री के मंदिर का पांडवों ने कराया था निर्माण, मां के चरण को स्पर्श करती हैं सूर्य की पहली किरणें

IANS | February 21, 2026 10:28 PM

जालौन, 21 फरवरी (आईएएनएस)। देश-दुनिया में शक्ति को समर्पित कई देवालय हैं, जहां की बनावट हो या भक्ति से भरी कथाएं, भक्तों को आकर्षित करती हैं। ऐसा ही देवी का एक मंदिर उत्तर प्रदेश के जालौन में स्थित है। यमुना नदी के तट पर घने जंगलों और बीहड़ों के बीच स्थित 'जालौन वाली माता का मंदिर' प्राचीन और प्रसिद्ध सिद्धपीठ है।

पोरबंदर की अशिक्षित बालिका से राष्ट्र की 'बा' तक का सफर, अंग्रेजी हुकूमत के लिए गांधीजी जितना ही 'बड़ा खतरा' थीं कस्तूरबा

IANS | February 21, 2026 10:24 PM

नई दिल्ली, 21 फरवरी (आईएएनएस)। इतिहास के पन्नों में कस्तूरबा गांधी को अक्सर महात्मा गांधी की 'परछाईं' मात्र मान लिया जाता है, लेकिन गहराई में उतरें तो सच यह है कि वह एक स्वतंत्र, निडर और बेहद मजबूत इरादों वाली जननेता थीं। 19वीं सदी के अंत में पोरबंदर की एक अशिक्षित बालिका से पूरे राष्ट्र की 'बा' बनने का सफर अद्भुत और प्रेरणादायक है।

घड़ी नहीं, सूरज बताता है खाने का सही समय, 'सन क्लॉक' को फॉलो करती है बॉडी

IANS | February 21, 2026 8:59 PM

नई दिल्ली, 21 फरवरी (आईएएनएस)। आमतौर पर धारणा बनी हुई है कि जब भी भूख लगे खाना खा लेना चाहिए, लेकिन आयुर्वेद इसे गलत बताता है। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेद के अनुसार, हमारा शरीर कोई मशीन नहीं है, बल्कि प्रकृति का हिस्सा है। इसे ठीक रखने के लिए दवाइयों या सख्त डाइट की बजाय सूरज के रिदम का सम्मान करना चाहिए। वास्तव में बॉडी सन क्लॉक के हिसाब से चलती है।