जब बेगम अख्तर से पहली बार मिलने पहुंची थीं शांति हीरानंद, ‘कल आना’ कहकर शुरू हुई 25 साल की गुरु-शिष्या परंपरा
मुंबई, 9 अप्रैल (आईएएनएस)। संगीत की दुनिया में गुरु-शिष्या परंपरा का अपना एक खास महत्व है। ऐसी ही एक प्रेरणादायक कहानी है पद्मश्री सम्मानित शास्त्रीय गायिका शांति हीरानंद की, जो दिवंगत बेगम अख्तर की प्रमुख शिष्या रही हैं। एक इंटरव्यू के दौरान शांति हीरानंद ने बेगम अख्तर से अपनी पहली मुलाकात का मजेदार किस्सा सुनाया था।