छोटी सी ‘डॉली’ ने बदल दी थी विज्ञान की दिशा, एक 'कोशिका' से जन्मी उम्मीद

IANS | February 21, 2026 8:52 PM

नई दिल्ली, 21 फरवरी (आईएएनएस)। जितना जीवन रहस्यमयी है उतना ही रोमांच से भरा विज्ञान है। ऐसा ही एक रोमांचक पल 22 फरवरी 1997 को दुनिया के सामने आया। वैज्ञानिक जगत में उस समय हलचल मच गई जब स्कॉटलैंड के शोधकर्ताओं ने दुनिया की पहली सफलतापूर्वक क्लोन की गई स्तनधारी भेड़ डॉली की आधिकारिक घोषणा की। हालांकि डॉली का जन्म 5 जुलाई 1996 को हुआ था, लेकिन उसकी क्लोनिंग की उपलब्धि को सार्वजनिक रूप से इसी दिन सामने लाया गया। यह घटना आधुनिक जैव-प्रौद्योगिकी के इतिहास में मील का पत्थर मानी जाती है।

वैज्ञानिक शोध में बड़ा खुलासा, बिल्ली बनी कैंसर रिसर्च की नई कड़ी

IANS | February 21, 2026 7:05 PM

नई दिल्ली, 21 फरवरी (आईएएनएस)। बिल्ली और इंसानों के बीच कुछ ऐसी समान कड़ी मिली है जिससे कैंसर इलाज में मदद मिल सकती है। कैंसर अनुसंधान पर हाल ही में प्रकाशित एक अंतरराष्ट्रीय अध्ययन ने वैज्ञानिक समुदाय का ध्यान अपनी ओर खींचा है। यह शोध 19 फरवरी को प्रतिष्ठित वैज्ञानिक जर्नल 'साइंस' में प्रकाशित हुआ। अध्ययन में पालतू बिल्लियों के कैंसर और इंसानों के कैंसर के बीच चौंकाने वाली जेनेटिक समानताओं को उजागर किया गया है।

यून सुक येआल को मौत की सजा क्यों नहीं? अदालती फैसले पर सियासत तेज

IANS | February 21, 2026 6:09 PM

सोल, 21 फरवरी (आईएएनएस)। पूर्व राष्ट्रपति यून सुक येओल को मौत की सजा न दिए जाने को लेकर दक्षिण कोरिया में सियासी बवाल मचा हुआ है। कुछ लोग सड़क पर भी उतरे तो कुछ ने हंगामे को बेबुनियाद करार दिया। सवाल पूछा जा रहा है कि आखिर मृत्युदंड क्यों नहीं दिया गया?

ब्राजील को भारत से बहुत उम्मीदें, हम साथ मिलकर काम करेंगे तो होंगे मजबूत: लूला

IANS | February 21, 2026 3:49 PM

नई दिल्ली, 21 फरवरी (आईएएनएस)। ब्राजील के राष्ट्रपति लूला डा सिल्वा को "भारत से बहुत उम्मीदें हैं," और उन्हें लगता है कि अगर ब्राजील और भारत मिलकर काम करेंगे तो और मजबूत होंगे। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में भारत के बढ़ते कद और बढ़ते प्रभाव पर रोशनी डाली। इस दौरान उन्होंने कश्मीर हमले का भी जिक्र किया।

स्किंक : नुकसान न पहुंचाने वाली 'सांप की मौसी', इकोसिस्टम के लिए महत्वपूर्ण

IANS | February 21, 2026 2:06 PM

नई दिल्ली, 21 फरवरी (आईएएनएस)। स्किंक, जिसे आम बोलचाल में 'सांप की मौसी' या 'बभनी' कहा जाता है, छिपकलियों की प्रजाति मानी जाती है। यह देखने में इतनी चिकनी और फुर्तीली होती है कि इसे 'सांप की मौसी' तक कहा जाता है। हालांकि, यह मानव जाति को किसी तरह का नुकसान नहीं पहुंचाती है।

थकी आंखों के लिए वरदान है नेत्र-शक्ति-विकासक, समस्याएं दूर कर देता राहत

IANS | February 21, 2026 11:17 AM

नई दिल्ली, 21 फरवरी (आईएएनएस)। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में स्क्रीन टाइम बढ़ने से आंखों पर तनाव, थकान और एकाग्रता की कमी आम समस्या बन गई है। ऐसे में भारत सरकार का आयुष मंत्रालय बताता है कि योग न केवल शरीर को स्वस्थ रखता है, बल्कि हमारी इंद्रियों खासकर आंखों की शक्ति बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

भाजपा अध्यक्ष बनने के बाद गुजरात की प्रथम यात्रा के दौरान नितिन नवीन ने महंत स्वामी महाराज से आशीर्वाद प्राप्त किया

IANS | February 21, 2026 11:13 AM

गांधीनगर, 21 फरवरी (आईएएनएस)। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद का कार्यभार संभालने के बाद गुजरात की अपनी प्रथम यात्रा पर आए नितिन नवीन ने गांधीनगर स्थित पूज्य स्वामीनारायण अक्षरधाम में परम पूज्य महंत स्वामी महाराज से शिष्टाचार भेंट की।

पृथ्वी की सतह पर सबसे निचला स्थान 'डेड सी', जहां नहीं पनप पाते जीव, क्यों माना जाता है 'मृत'

IANS | February 21, 2026 9:57 AM

नई दिल्ली, 21 फरवरी (आईएएनएस)। डेड सी या मृत सागर दुनिया की सबसे अनोखी झीलों में से एक है। इसका नाम सुनते ही सवाल उठता है कि इसे 'मृत' क्यों कहा जाता है? हैरत में डालने वाली बात यह है कि इसमें कोई भी जीव पनप नहीं पाता है। अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा इस बारे में विस्तार से जानकारी देती है।

स्कन्द षष्ठी पर सर्वार्थ सिद्धि और रवि योग, नोट कर लें शुभ-अशुभ समय

IANS | February 21, 2026 8:43 AM

नई दिल्ली, 21 फरवरी (आईएएनएस)। भगवान शिव और माता पार्वती के पुत्र भगवान स्कन्द, जिन्हें कार्तिकेय, मुरुगन, सुब्रह्मण्य भी कहा जाता है को समर्पित स्कन्द षष्ठी का पावन पर्व 22 फरवरी रविवार को है। यह व्रत विशेष रूप से संतान प्राप्ति, शत्रु नाश, बुद्धि और बल की प्राप्ति के लिए किया जाता है। स्कन्द षष्ठी को कंद षष्ठी के नाम से भी जाना जाता है।

अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस: भाषाई विविधता और सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण का दिन, क्या कहती है इस साल की थीम

IANS | February 20, 2026 11:52 PM

नई दिल्ली, 20 फरवरी (आईएएनएस)। भाषाई विविधता, बहुभाषावाद और सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण को समर्पित दिवस हर साल 21 फरवरी को अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस के रूप में मनाया जाता है। यूनेस्को ने सबसे पहले नवंबर 1999 में इसकी घोषणा की थी, जिसे बाद में संयुक्त राष्ट्र महासभा ने अपनाया।