क्या आपको भी लगती है बहुत ठंड? दिनचर्या में शामिल करें ये प्राणायाम

IANS | November 6, 2025 4:13 PM

नई दिल्ली, 6 नवंबर (आईएएनएस)। सर्दियों का मौसम शुरू हो चुका है। कुछ ही दिनों में कड़ाके की सर्दी का कहर शुरू हो जाएगा। ऐसे में एक प्राणायाम है, जिसके अभ्यास से अत्यधिक ठंड से राहत मिल सकती है। भारत सरकार का आयुष मंत्रालय सूर्यभेदन नाम के प्राणायाम के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए इसे ठंड से लड़ने का प्राकृतिक उपाय बताता है।

उत्तराखंड में गुप्त रूप से क्यों विराजमान हैं भोलेनाथ? जानिए पौराणिक कथा

IANS | November 6, 2025 3:28 PM

रुद्रप्रयाग, 6 नवंबर (आईएएनएस)। उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में बसा गुप्तकाशी एक ऐसा तीर्थस्थल है, जो रहस्यों और भक्ति दोनों से भरा हुआ है। समुद्र तल से करीब 1,319 मीटर की ऊंचाई पर स्थित यह स्थान अपने नाम की तरह ही गुप्त रहस्यों को समेटे हुए है। यहां स्थित विश्वनाथ मंदिर भगवान शिव का वह धाम है, जहां वे स्वयं गुप्त रूप में विराजमान हैं।

तनाव या अनिद्रा को दूर करता है ये प्राणायाम, छात्रों के लिए भी विशेष लाभदायी

IANS | November 6, 2025 2:54 PM

नई दिल्ली, 6 नवंबर (आईएएनएस)। योग हो या प्राणायाम इनके पास कई समस्याओं का समाधान है। ऐसे में बात तनाव, अनिद्रा या अन्य मानसिक समस्याओं की हो तो भ्रामरी प्राणायाम बेहद लाभदायी है।

माइक्रोबायोम: आपकी आंत में छिपा 'सेकंड ब्रेन' कैसे तय करता है आपका मूड और इम्यूनिटी

IANS | November 6, 2025 2:34 PM

नई दिल्ली, 6 नवंबर (आईएएनएस)। मूड स्विंग को लोग मन से जोड़ते हैं। मन जो दिल-दिमाग दोनों का शायद मेल है, लेकिन कुछ शोध बताते हैं कि इसका कनेक्शन हमारे 'डाइजेस्टिव सिस्टम,' यानि पाचन तंत्र से जुड़ा हुआ है। कभी ध्यान दें तो पाएंगे कि जब मूड अचानक बदलता है और तनाव होता है तो अचानक ही पेट भी अपसेट हो जाता है। यूं कह सकते हैं कि मूड का कनेक्शन दिमाग से नहीं बल्कि पेट या 'आंत' के भीतर छिपा है।

पूरी सृष्टि में केवल पुष्कर में है ब्रह्मा जी का मंदिर, जानिए कारण

IANS | November 5, 2025 11:54 PM

पुष्कर, 5 नवंबर (आईएएनएस)। ब्रह्मा, विष्णु और महेश को सृष्टि का निर्माता, पालनकर्ता और संहारक माना गया है। लेकिन अक्सर लोगों के मन में यह सवाल आता है कि विष्णु और शिव जी के तो पूरे देश में कई मंदिर हैं और लोग घर में भी उनकी पूजा करते हैं, जबकि ब्रह्मा जी की पूजा लगभग कभी नहीं होती। उनका केवल एक ही मंदिर है जो पुष्कर में स्थित है।

कार्तिगाई दीपम : प्रकाश का महापर्व, दो पौराणिक कथाओं से जुड़ा तमिल उत्सव

IANS | November 5, 2025 11:45 PM

नई दिल्ली, 5 नवंबर (आईएएनएस)। मार्गशीर्ष के कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि गुरुवार को मासिक कार्तिगाई है। यह पर्व मुख्य रूप से तमिलनाडु, श्रीलंका और तमिल बहुल क्षेत्रों में मनाया जाता है। मान्यता है कि इस दिन भगवान कार्तिकेय (मुरुगन) की पूजा करने से जीवन में सुख-शांति और वैभव की प्राप्ति होती है।

जगन्नाथ पुरी मंदिर की रहस्यमयी रसोई, जहां रोजाना बनता है लाखों लोगों के लिए महाप्रसाद

IANS | November 5, 2025 11:01 PM

पुरी, 5 नवंबर (आईएएनएस)। ओडिशा के पुरी में स्थित भगवान जगन्नाथ का मंदिर सिर्फ एक धार्मिक स्थल नहीं है, बल्कि यह श्रद्धा, भक्ति और रहस्यों का अद्भुत मिश्रण है। इसे भारत के चार धामों में से एक माना जाता है और यहां हर साल लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं। मंदिर की भव्यता, इसकी परंपराएं और यहां के चमत्कार लोगों को हमेशा हैरान कर देते हैं।

माउंट एवरेस्ट से कम ऊंचाई, फिर भी आज तक कोई क्यों नहीं चढ़ पाया कैलाश पर्वत पर?

IANS | November 5, 2025 9:34 PM

नई दिल्ली, 5 नवंबर (आईएएनएस)। कैलाश पर्वत दुनिया की सबसे रहस्यमयी और पवित्र चोटियों में से एक है। यह तिब्बत के न्गारी प्रांत में स्थित है और भारत, नेपाल और चीन की सीमाओं के पास पड़ता है।

सिटिंग इज द न्यू स्मोकिंग: लंबे समय तक बैठे रहने के खतरों पर नए शोध

IANS | November 5, 2025 7:06 PM

नई दिल्ली, 5 नवंबर (आईएएनएस)। आधुनिक जीवन की सबसे बड़ी विडंबना यह है कि हम जितना तरक्की कर रहे हैं, उतना ही आरामतलब भी हो गए हैं। चल कर काम करने की बजाए काम का अधिकतर हिस्सा स्क्रीन के सामने पूरा होता है, यात्रा गाड़ियों में, और आराम कुर्सियों पर किया जा रहा है। नतीजा यह कि 'लंबे समय तक बैठे रहना' आज एक नई स्वास्थ्य समस्या बन चुका है। पिछले कुछ वर्षों में कई शोध हुए थे, जिन्होंने यह साबित किया है कि लंबे समय तक बैठना सिर्फ एक आदत नहीं, बल्कि धीरे-धीरे शरीर के लिए उतना ही नुकसानदेह बनता जा रहा है जितना धूम्रपान। इसी कारण वैज्ञानिकों ने इसे नाम दिया है 'सिटिंग इज द न्यू स्मोकिंग।'

'मॉडरेट एक्सरसाइज' का एक ही सूत्र- 'फिटनेस, मतलब खुद को थकाना नहीं बल्कि एक्टिव रखना'

IANS | November 5, 2025 5:43 PM

नई दिल्ली, 5 नवंबर (आईएएनएस)। आज की तेज रफ्तार जिंदगी में फिटनेस का मतलब कई लोगों के लिए जिम में घंटों पसीना बहाना बन गया है। लेकिन हाल ही में अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन (एचएए) की एक रिपोर्ट ने इस सोच को चुनौती दी है। उनके अनुसार, लंबी और थकाऊ वर्कआउट से ज्यादा असरदार है। इसे मॉडरेट इंटेंसिटी एक्सरसाइज, यानी मध्यम गति की नियमित शारीरिक गतिविधि कहते हैं।