ठंडी हवा की अनदेखी मार: हाइपोथर्मिया से बुज़ुर्ग सबसे ज्यादा खतरे में
नई दिल्ली, 23 नवंबर (आईएएनएस)। सर्दियों की ठिठुरन सिर्फ शरीर को कंपाती नहीं, उम्रदराज लोगों के लिए यह धीमी और खतरनाक जंग भी बन जाती है। जब तापमान अचानक गिरता है, तो शरीर अपने तापमान को सामान्य बनाए रखने के लिए संघर्ष करता है। लेकिन बुज़ुर्गों में यह क्षमता कमजोर हो चुकी होती है। उनकी त्वचा पतली होती है, मांसपेशियां कमजोर, ब्लड सर्कुलेशन धीमा और थर्मोरेग्यूलेशन यानी शरीर का तापमान नियंत्रित करने वाला सिस्टम पहले जैसा चुस्त नहीं रहता। ऐसे में जरा सी ठंड भी हाइपोथर्मिया में बदल सकती है।