आयुर्वेद के 'अमृत': लौंग से ज्वार तक, सेहत के लिए वरदान हैं भगवती को प्रिय ये चीजें

IANS | January 18, 2026 8:59 AM

नई दिल्ली, 18 जनवरी (आईएएनएस)। 19 जनवरी से माघ गुप्त नवरात्रि की शुरुआत हो रही है। इस दौरान भक्त मां दुर्गा को प्रसन्न करने के लिए कई विशेष चीजें अर्पित करते हैं, जैसे लौंग, ज्वार-ज्वारे का रस, पान का पत्ता, किशमिश, गुड़, तिल और इलायची। ये न केवल देवी को प्रिय हैं, बल्कि आयुर्वेद में इन्हें औषधीय गुणों का खजाना माना जाता है।

स्वाद और सेहत का साथी हींग, पाचन से लेकर वजन घटाने तक में फायदेमंद

IANS | January 17, 2026 11:43 PM

नई दिल्ली, 17 जनवरी (आईएएनएस)। भारतीय रसोई में हींग एक आम और जरूरी मसाला है, जिसका इस्तेमाल ज्यादातर घरों में दाल, सब्जी, अचार और तड़के में किया जाता है। कई लोग इसे सिर्फ स्वाद और खुशबू बढ़ाने का माध्यम मानते हैं, लेकिन आयुर्वेद और पारंपरिक चिकित्सा में हींग को औषधीय गुणों से भरपूर माना जाता है।

ब्राह्मी, शंखपुष्पी और अश्वगंधा का मिश्रण ओवरथिंकिंग से लेकर तनाव तक में देता है राहत

IANS | January 17, 2026 11:36 PM

नई दिल्ली, 17 जनवरी (आईएएनएस)। आयुर्वेद में ब्राह्मी, अश्वगंधा और शंखपुष्पी का मिश्रण तनाव, चिंता और ओवरथिंकिंग से राहत दिलाने के लिए बहुत प्रभावी माना जाता है। तनाव, चिंता और ओवरथिंकिंग जैसी मानसिक परेशानियों में आयुर्वेदाचार्य इस मिश्रण के सेवन की सलाह देते हैं।

समुद्री विज्ञान और बायोटेक्नोलॉजी से मजबूत होगी भारत की अर्थव्यवस्था, पर्यावरण और रोजगार: जितेंद्र सिंह

IANS | January 17, 2026 10:34 PM

नई दिल्ली, 17 जनवरी (आईएएनएस)। केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी और पृथ्वी विज्ञान राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह ने शनिवार को कहा कि समुद्री विज्ञान और बायोटेक्नोलॉजी को एक साथ जोड़ने से भारत की अर्थव्यवस्था, पर्यावरण और रोजगार के अवसरों को मजबूत किया जा सकता है।

सर्दियों में लगती है बार-बार भूख, जानें चिप्स या पॉपकॉर्न में से आपके लिए क्या है बेहतर

IANS | January 17, 2026 6:09 PM

नई दिल्ली, 17 जनवरी (आईएएनएस)। सर्दियों के मौसम में पाचन अग्नि तेज होने की वजह से भूख बार-बार और जल्दी लगती है। खाना खाने के कुछ घंटों बाद ही तीखा, मसालेदार और खस्ता खाने का मन करता है। ऐसे में लोग भूख को शांत करने के लिए चाय के साथ चिप्स, नमकीन और तले-भुने खाद्य पदार्थों का सहारा लेते हैं, जो पाचन से लेकर हृदय को भी नुकसान पहुंचाते हैं।

भारत में बढ़ रहा सर्वाइकल कैंसर का खतरा, इन लक्षणों को अनदेखा न करें: डॉ. मीरा पाठक

IANS | January 17, 2026 1:50 PM

नई दिल्ली, 17 जनवरी (आईएएनएस)। भारत में सर्वाइकल कैंसर का खतरा लगातार बढ़ रहा है और यह अब सिर्फ बड़ी उम्र की महिलाओं की बीमारी नहीं रही। भंगेल सीएचसी की सीनियर मेडिकल ऑफिसर और गायनेकोलॉजी विशेषज्ञ डॉ. मीरा पाठक के अनुसार, हर आठ मिनट में एक महिला की मौत सिर्फ इस कैंसर की वजह से होती है। यह आंकड़ा बहुत चिंताजनक है और अब इस बारे में गंभीरता से सोचने की जरूरत है।

शंख भस्म: कैल्शियम से भरपूर है शंख भस्म, हड्डियों और जोड़ों को देती है नया जीवन

IANS | January 17, 2026 11:25 AM

नई दिल्ली, 17 जनवरी (आईएएनएस)। आयुर्वेद में उपचार के लिए सदियों से दुर्लभ जड़ी-बूटियों का इस्तेमाल होता आया है। जड़ी-बूटियों के गुण बड़े से बड़े रोग से मुक्ति दिलाने की शक्ति रखते हैं, लेकिन क्या आप यह जानते हैं कि आयुर्वेद में भस्म के जरिए भी रोगों को दूर करने का काम पहले से होता आया है।

मौन व्रत : दुरुस्त सेहत तो कोसों दूर रहती हैं मानसिक समस्याएं

IANS | January 17, 2026 8:51 AM

नई दिल्ली, 17 जनवरी (आईएएनएस)। आज की भागदौड़ और शोर-शराबे से भरी दुनिया में शांति एक दुर्लभ लेकिन बेहद जरूरी चीज है। अशांति, शोर-शराबे से न केवल शरीर रोगों का घर बन जाता है बल्कि तनाव, चिड़चिड़ापन, खिन्नता मानसिक रूप से परेशान कर देते हैं। ऐसे में मौन का अभ्यास न केवल सेल्फ-अवेयरनेस, मानसिक स्पष्टता और गहरी आंतरिक शांति प्रदान करता है।

लंबे समय तक बैठने से पीठ दर्द और अकड़न की समस्या? 'छोटा ब्रेक' देगा बड़ी राहत

IANS | January 16, 2026 11:34 PM

नई दिल्ली, 16 जनवरी (आईएएनएस)। आजकल ऑफिस, घर या लैपटॉप के सामने घंटों बैठे रहना आम बात हो गई है। लंबे समय तक एक ही मुद्रा में बैठे रहने से पीठ में खिंचाव, अकड़न और दर्द की समस्या बढ़ सकती है। ऐसे में छोटा ब्रेक इन समस्याओं से पार दिलाने में बेहद कारगर है।

माणिक्य भस्म : चेहरे पर निखार और हृदय संबंधी विकारों के लिए औषधि, जान लें सेवन की सावधानियां

IANS | January 16, 2026 9:05 PM

नई दिल्ली, 16 जनवरी (आईएएनएस)। प्राचीन चिकित्सा शास्त्र यानी आयुर्वेद में जड़ी-बूटियों के जरिए बड़े से बड़े रोगों का निवारण होता आया है। हिमालय की पहाड़ियों पर मिलने वाली दुर्लभ जड़ी-बूटियों में वह गुण होते हैं जो शरीर को रिसेट करने में मदद करते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि प्राचीन चिकित्सा शास्त्र में रत्नों के जरिए भी गंभीर बीमारियों का इलाज होता आया है?