शरीर को सहारा देने वाली रीढ़ की हड्डी का ऐसे रखें ध्यान, योगासन से दें मजबूती
नई दिल्ली, 22 अक्टूबर (आईएएनएस)। रीढ़ की हड्डी को शरीर का आधार माना जाता है, क्योंकि ये शरीर की ऊर्जा का केंद्र है और शरीर का हर कार्य करने में मदद करती है,
नई दिल्ली, 22 अक्टूबर (आईएएनएस)। रीढ़ की हड्डी को शरीर का आधार माना जाता है, क्योंकि ये शरीर की ऊर्जा का केंद्र है और शरीर का हर कार्य करने में मदद करती है,
नई दिल्ली, 22 अक्टूबर (आईएएनएस)। सर्दियों के आते ही सर्दी-जुकाम की शिकायतें आम हो जाती हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि इसका एक बड़ा कारण केवल ठंड नहीं, बल्कि वातावरण में बढ़ता हुआ धुआं (स्मोक) भी है? चाहे वह पराली जलाने से निकला धुआं हो, वाहनों का प्रदूषण, रसोई का धुंआ, पटाखों की चिंगारी या सिगरेट का धुआं, सभी हमारे शरीर के प्रतिरक्षा तंत्र को भ्रमित कर देते हैं।
नई दिल्ली, 22 अक्टूबर (आईएएनएस)। स्पाइनल कॉर्ड (मेरुरज्जु) मानव शरीर की सबसे जटिल और अद्भुत संरचनाओं में से एक है। यह केवल एक हड्डियों के ढांचे का हिस्सा नहीं, बल्कि मस्तिष्क और शरीर के बीच संवाद का मुख्य सेतु है। सरल भाषा में कहें तो यह हमारे शरीर की 'डेटा केबल' है, जो हर संदेश और प्रतिक्रिया को तेजी से आगे-पीछे भेजती है, चाहे हाथ हिलाना हो, चलना हो या दर्द महसूस करना हो।
नई दिल्ली, 22 अक्टूबर (आईएएनएस)। चिरायता एक कड़वी लेकिन बेहद गुणकारी आयुर्वेदिक जड़ी-बूटी है, जो भारत में सदियों से विभिन्न बीमारियों के इलाज में इस्तेमाल होती आ रही है। खासकर बदलते मौसम में होने वाले बुखार, पाचन संबंधी गड़बड़ी और त्वचा रोगों में यह औषधि बहुत फायदेमंद मानी जाती है।
नई दिल्ली, 22 अक्टूबर (आईएएनएस)। शीतल चीनी एक प्राचीन, लेकिन अत्यंत प्रभावशाली आयुर्वेदिक औषधि है, जो आज के समय में भी लोगों के स्वास्थ्य का मजबूत सहारा बन चुकी है। बदलते मौसम में जब बुखार, सूजन, सर्दी-जुकाम, पाचन संबंधी गड़बड़ियां और इम्यूनिटी कमजोर होने जैसी समस्याएं आम हो जाती हैं, तब शीतल चीनी का सेवन शरीर को भीतर से ताकतवर और रोगमुक्त बनाता है।
हेग, 22 अक्टूबर (आईएएनएस)। नीदरलैंड में मंकीपॉक्स के एक नए और अधिक संक्रामक वेरिएंट का पहला मामला सामने आया है। इस बात की जानकारी देश के स्वास्थ्य, कल्याण और खेल मंत्री जान एंथोनी ब्रुइजन ने संसद को एक पत्र लिखकर दी।
नई दिल्ली, 22 अक्टूबर (आईएएनएस)। कुछ खनिज या रासायनिक तत्व ऐसे होते हैं, जिनका इस्तेमाल खेतों से लेकर पटाखों तक में किया जाता है, लेकिन वही रसायन औषधि के रूप में भी काम करते हैं और कई रोगों से निजात दिलाने में मदद करते हैं। हम बात कर रहे हैं गंधक की।
नई दिल्ली, 21 अक्टूबर (आईएएनएस)। दीपावली के बाद दिल्ली-एनसीआर की हवा एक बार फिर बिगड़ गई है। प्रदूषण के बढ़ते स्तर का सीधा असर लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। सर गंगाराम अस्पताल के मेडिसिन विभाग के सीनियर कंसल्टेंट प्रोफेसर डॉ. एम. वली से इस मुद्दे पर आईएएनएस ने खास बातचीत की। उन्होंने चिंता जाहिर की और कहा कि हमें पटाखों का विकल्प ढूंढना होगा।
नई दिल्ली, 21 अक्टूबर (आईएएनएस)। त्योहारों का मौसम न केवल घर को सजाने का, बल्कि अपने शरीर और मन को भी प्रकाशित करने का उत्तम अवसर होता है। जैसे त्योहारों पर हम अपने घर के हर कोने को साफ करके चमकाते हैं, वैसे ही यह समय है अपने भीतर के तन और मन को भी प्रकाश से भरने का। आयुर्वेद में ऐसे ही आंतरिक सौंदर्य और स्वास्थ्य को बनाए रखने की एक अद्भुत परंपरा है स्नेहन, यानी शरीर पर तेल से मालिश करना।
नई दिल्ली, 21 अक्टूबर (आईएएनएस)। वोकल कॉर्ड (स्वर यंत्र) मानव शरीर का एक अत्यधिक महत्वपूर्ण अंग है, जो हमारी आवाज उत्पन्न करने में प्रमुख भूमिका निभाता है। ये दो पतली मांसपेशियों की पट्टियां होती हैं जो लैरिंक्स (कंठ या वॉइस बॉक्स) के अंदर स्थित होती हैं। जब हम बोलते हैं या गाते हैं, तो फेफड़ों से निकली हवा इन पट्टियों से गुजरती है, जिससे कंपन (वाइब्रेशन) उत्पन्न होते हैं और यही कंपन हमारी आवाज का स्वर बनाते हैं।