तन नहीं, मन की देखभाल भी है जरूरी, डिप्रेशन और एंग्जायटी के लक्षणों को न करें नजरअंदाज
नई दिल्ली, 11 नवंबर (आईएएनएस)। तन से जुड़ी बीमारियों पर हर कोई ध्यान देता है, लेकिन मन और मस्तिष्क से जुड़ी परेशानियों का इलाज कराने से लोग कतराते हैं।
नई दिल्ली, 11 नवंबर (आईएएनएस)। तन से जुड़ी बीमारियों पर हर कोई ध्यान देता है, लेकिन मन और मस्तिष्क से जुड़ी परेशानियों का इलाज कराने से लोग कतराते हैं।
नई दिल्ली, 11 नवंबर (आईएएनएस)। आयुर्वेद में भारतीय रसोई में मौजूद मसालों को औषधि बताया है। घर की रसोई में मौजूद मसाले संक्रमण और कई बीमारियों को दूर करने में सहायक होते हैं।
नई दिल्ली, 10 नवंबर (आईएएनएस)। अगर आप जिम में पसीना बहाने और सख्त डायट फॉलो करने के बावजूद वजन कम नहीं कर पा रहे हैं, तो जवाब आपकी नींद में छिपा हो सकता है।
नई दिल्ली, 10 नवंबर (आईएएनएस)। केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जितेंद्र सिंह ने सोमवार को कहा कि भारत बायोटेक्नोलॉजी, मेडिकल रिसर्च, एग्रीकल्चर और डेटा-ड्रिवन साइंस के फील्ड में सहयोग की ओर बढ़ रहे हैं।
नई दिल्ली, 10 नवंबर (आईएएनएस)। गोखरू एक ऐसी अद्भुत जड़ी-बूटी है, जो सदियों से हमारे आयुर्वेद में इस्तेमाल होती आ रही है। इसे त्रिदोषनाशक माना जाता है। यह शरीर के वात, पित्त और कफ तीनों दोषों को संतुलित करने में मदद करती है। इसका फल, पत्ता और तना सभी औषधि के रूप में काम आते हैं।
नई दिल्ली, 10 नवंबर (आईएएनएस)। ऑफिस में घंटों बैठना हो या अनियमित दिनचर्या परिणाम स्वरुप कमजोर मांसपेशियां और शरीर में दर्द आम सी बात बन चुकी हैं। ऐसे में चतुरंग दंडासन के अभ्यास से इन समस्याओं से निजात पाई जा सकती है।
नई दिल्ली, 9 नवंबर (आईएएनएस)। भागदौड़ भरी जिंदगी और असंतुलित दिनचर्या के बीच शरीर और मन दोनों को स्वस्थ रखना एक बड़ी चुनौती है। हालांकि, भारतीय चिकित्सा पद्धति के पास हर समस्या का समाधान है। ऐसे ही एक समाधान का नाम आरोग्य रक्षक पंचतंत्र है।
नई दिल्ली, 9 नवंबर (आईएएनएस)। आयुर्वेद के खजाने में हर रोग का हल छिपा है, खासकर पेट की समस्या जिससे लगभग हर कोई कभी न कभी परेशान रहता है। ऐसे में जठर शुद्धि रस एक बढ़िया आयुर्वेदिक उपाय है, जो पेट, आंत और जठराग्नि की सफाई और मजबूती के लिए बनाया गया है। यह सौ प्रतिशत आयुर्वेदिक पाचन और डिटॉक्स टॉनिक माना जाता है, जो शरीर को अंदर से साफ करता है और पाचन को दुरुस्त रखता है।
नई दिल्ली, 9 नवंबर (आईएएनएस)। आयुर्वेद में इसबगोल को एक बहुत लाभदायक माना जाता है। यह प्लांटैगो ओवाटा नामक पौधे के बीजों की भूसी होती है। इसे लोग अक्सर पेट से जुड़ी समस्याओं में इस्तेमाल करते हैं, लेकिन इसके फायदे सिर्फ पाचन तक सीमित नहीं हैं।
नई दिल्ली, 9 नवंबर (आईएएनएस)। कहते हैं कि पेट के साफ रहने से ज्यादातर बीमारियां दूर रहती हैं, लेकिन असंतुलित आहार की वजह से पेट संबंधी समस्याएं आम सी बात बन गई हैं, हालांकि ऐसे कई योगासन हैं जिनके अभ्यास से इन समस्याओं से छुटकारा पाया जा सकता है।