रात की शिफ्ट में काम करने वालों को किडनी स्टोन का ज्यादा खतरा : स्टडी
नई दिल्ली, 1 अक्टूबर (आईएएनएस)। एक नए अध्ययन में पता चला है कि जो लोग रात की शिफ्ट में काम करते हैं, उनमें किडनी स्टोन बनने का खतरा सामान्य से ज्यादा होता है।
नई दिल्ली, 1 अक्टूबर (आईएएनएस)। एक नए अध्ययन में पता चला है कि जो लोग रात की शिफ्ट में काम करते हैं, उनमें किडनी स्टोन बनने का खतरा सामान्य से ज्यादा होता है।
नई दिल्ली, 1 अक्टूबर (आईएएनएस)। शरीर को सुचारू रूप से चलाने के लिए कई तरह के रसायन बनते हैं। एक रसायन है यूरिक एसिड, जो अगर शरीर में ज्यादा या कम मात्रा में बनने लगे तो शरीर कई रोगों से घिर जाता है।
नई दिल्ली, 1 अक्टूबर (आईएएनएस)। अदाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अदाणी ने बुधवार को कहा कि नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट एक ऐसा स्मारक है, जिसे हजारों हाथों और दिलों ने मिलकर बनाया है।
नई दिल्ली, 30 सितंबर (आईएएनएस)। भारत में हर साल 1 अक्टूबर को राष्ट्रीय स्वैच्छिक रक्तदान दिवस मनाया जाता है। यह दिन उन सभी स्वैच्छिक रक्तदाताओं को सम्मानित करने और रक्तदान के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाने के लिए मनाया जाता है, जो निःस्वार्थ भाव से दूसरों के जीवन को बचाने के लिए आगे आते हैं।
नई दिल्ली, 30 सितंबर (आईएएनएस)। ह्यूमन ल्यूकोसाइट एंटीजन बी27 पॉजिटिव एक ऐसा जीन मार्कर है, जो शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली से जुड़ा होता है। आजकल इसका नाम सुनने में काफी आता है, लेकिन इसका मतलब क्या है और इससे शरीर पर क्या असर पड़ता है, ये बहुत कम ही लोग जानते हैं।
नई दिल्ली, 30 सितंबर (आईएएनएस)। दिल की धड़कन का सामान्य होना बहुत जरूरी है, लेकिन कभी-कभी अचानक धक-धक होने लगती है।
नई दिल्ली, 30 सितंबर (आईएएनएस)। कौंच बीज आयुर्वेद में एक अत्यंत महत्वपूर्ण और बलवर्धक औषधि माना जाता है, जिसका प्रमुख उपयोग पुरुषों की यौन शक्ति, मानसिक स्फूर्ति और स्नायु तंत्र को मजबूत करने में किया जाता है। हालांकि, आयुर्वेद में किसी भी औषधीय द्रव्य का सेवन करने से पहले उसकी शुद्धि करना आवश्यक होता है, ताकि उसकी विषाक्तता समाप्त हो और औषधीय गुण पूरी तरह सुरक्षित और प्रभावी बने रहें।
नई दिल्ली, 30 सितंबर (आईएएनएस)। आजकल लोग फिट रहने के लिए जिम, मशीन और महंगे उपकरणों पर हजारों रुपए खर्च करते हैं, लेकिन एक ऐसा तरीका भी है, जो न केवल आपके शरीर को चुस्त-दुरुस्त रखता है, बल्कि मानसिक स्फूर्ति भी बढ़ाता है। इसके लिए आपको हर महीने हजारों रुपए खर्च करने की जरूरत भी नहीं है।
नई दिल्ली, 29 सितंबर (आईएएनएस)। हमारी सेहत का खजाना संतुलित जीवनशैली पर टिका है। एक सच यह भी है कि हमारी सेहत का रिश्ता सिर्फ शरीर से नहीं, बल्कि पूरे पर्यावरण से जुड़ा है। इसे ही विशेषज्ञ अब 'हेल्थ इन इकोसिस्टम' कह रहे हैं। इसका मतलब है – अगर हमारा वातावरण संतुलित और स्वस्थ होगा तो हम भी स्वस्थ रहेंगे। डब्ल्यूएचओ भी इसे लेकर दुनिया को प्रेरित करता है।
नई दिल्ली, 29 सितंबर (आईएएनएस)। हमारे यहां शायद हर जेनरेशन को घोल कर पिलाया जाता है कि सेहतमंद रहने के लिए सबको एक जैसा खाना चाहिए। मतलब सुबह दूध, दोपहर को दाल-चावल और रात में हल्का और सुपाच्य भोजन। इन सबके सेवन का समय भी फिक्स करने की सलाह दी जाती है। लेकिन बदलते समय में ये धारणा भी बदल रही है। यूं तो वैज्ञानिक रिसर्च कई होते हैं लेकिन एक ऐसा है जो पुख्ता तौर पर कहता है कि आपकी थाली में क्या हो, क्या नहीं, ये रिवायत नहीं, आपके डीएनए को तय करना होता है!