स्मोक एलर्जी और सर्दी-जुकाम में फर्क समझिए, इलाज होगा आसान

IANS | October 22, 2025 6:13 PM

नई दिल्ली, 22 अक्टूबर (आईएएनएस)। सर्दियों के आते ही सर्दी-जुकाम की शिकायतें आम हो जाती हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि इसका एक बड़ा कारण केवल ठंड नहीं, बल्कि वातावरण में बढ़ता हुआ धुआं (स्मोक) भी है? चाहे वह पराली जलाने से निकला धुआं हो, वाहनों का प्रदूषण, रसोई का धुंआ, पटाखों की चिंगारी या सिगरेट का धुआं, सभी हमारे शरीर के प्रतिरक्षा तंत्र को भ्रमित कर देते हैं।

स्पाइनल कॉर्ड : शरीर का कमांड सेंटर, जिस पर निर्भर है सब कुछ

IANS | October 22, 2025 5:26 PM

नई दिल्ली, 22 अक्टूबर (आईएएनएस)। स्पाइनल कॉर्ड (मेरुरज्जु) मानव शरीर की सबसे जटिल और अद्भुत संरचनाओं में से एक है। यह केवल एक हड्डियों के ढांचे का हिस्सा नहीं, बल्कि मस्तिष्क और शरीर के बीच संवाद का मुख्य सेतु है। सरल भाषा में कहें तो यह हमारे शरीर की 'डेटा केबल' है, जो हर संदेश और प्रतिक्रिया को तेजी से आगे-पीछे भेजती है, चाहे हाथ हिलाना हो, चलना हो या दर्द महसूस करना हो।

चिरायता : स्वाद में कड़वी, लेकिन असरदार, आयुर्वेद से जानें चमत्कारी फायदे

IANS | October 22, 2025 5:16 PM

नई दिल्ली, 22 अक्टूबर (आईएएनएस)। चिरायता एक कड़वी लेकिन बेहद गुणकारी आयुर्वेदिक जड़ी-बूटी है, जो भारत में सदियों से विभिन्न बीमारियों के इलाज में इस्तेमाल होती आ रही है। खासकर बदलते मौसम में होने वाले बुखार, पाचन संबंधी गड़बड़ी और त्वचा रोगों में यह औषधि बहुत फायदेमंद मानी जाती है।

सर्दी-जुकाम से लेकर पाइल्स तक, शीतल चीनी से सब होगा ठीक

IANS | October 22, 2025 5:11 PM

नई दिल्ली, 22 अक्टूबर (आईएएनएस)। शीतल चीनी एक प्राचीन, लेकिन अत्यंत प्रभावशाली आयुर्वेदिक औषधि है, जो आज के समय में भी लोगों के स्वास्थ्य का मजबूत सहारा बन चुकी है। बदलते मौसम में जब बुखार, सूजन, सर्दी-जुकाम, पाचन संबंधी गड़बड़ियां और इम्यूनिटी कमजोर होने जैसी समस्याएं आम हो जाती हैं, तब शीतल चीनी का सेवन शरीर को भीतर से ताकतवर और रोगमुक्त बनाता है।

नीदरलैंड्स में मंकीपॉक्स का पहला मामला आया सामने, स्वास्थ्य मंत्रालय ने की सतर्क रहने की अपील

IANS | October 22, 2025 3:39 PM

हेग, 22 अक्टूबर (आईएएनएस)। नीदरलैंड में मंकीपॉक्स के एक नए और अधिक संक्रामक वेरिएंट का पहला मामला सामने आया है। इस बात की जानकारी देश के स्वास्थ्य, कल्याण और खेल मंत्री जान एंथोनी ब्रुइजन ने संसद को एक पत्र लिखकर दी।

स्किन और बालों के लिए लाभकारी है गंधक, सेवन की विधि जानना है जरूरी

IANS | October 22, 2025 11:33 AM

नई दिल्ली, 22 अक्टूबर (आईएएनएस)। कुछ खनिज या रासायनिक तत्व ऐसे होते हैं, जिनका इस्तेमाल खेतों से लेकर पटाखों तक में किया जाता है, लेकिन वही रसायन औषधि के रूप में भी काम करते हैं और कई रोगों से निजात दिलाने में मदद करते हैं। हम बात कर रहे हैं गंधक की।

पटाखों का विकल्प ढूंढना होगा, हर उम्र के मरीजों में सांस की समस्या बढ़ी : डॉ. एम. वली

IANS | October 21, 2025 9:07 PM

नई दिल्ली, 21 अक्टूबर (आईएएनएस)। दीपावली के बाद दिल्ली-एनसीआर की हवा एक बार फिर बिगड़ गई है। प्रदूषण के बढ़ते स्तर का सीधा असर लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। सर गंगाराम अस्पताल के मेडिसिन विभाग के सीनियर कंसल्टेंट प्रोफेसर डॉ. एम. वली से इस मुद्दे पर आईएएनएस ने खास बातचीत की। उन्होंने चिंता जाहिर की और कहा कि हमें पटाखों का विकल्प ढूंढना होगा।

त्योहारों में केवल घर ही नहीं, आयुर्वेदिक स्नेहन से तन-मन को भी करें रोशन

IANS | October 21, 2025 6:56 PM

नई दिल्ली, 21 अक्टूबर (आईएएनएस)। त्योहारों का मौसम न केवल घर को सजाने का, बल्कि अपने शरीर और मन को भी प्रकाशित करने का उत्तम अवसर होता है। जैसे त्योहारों पर हम अपने घर के हर कोने को साफ करके चमकाते हैं, वैसे ही यह समय है अपने भीतर के तन और मन को भी प्रकाश से भरने का। आयुर्वेद में ऐसे ही आंतरिक सौंदर्य और स्वास्थ्य को बनाए रखने की एक अद्भुत परंपरा है स्नेहन, यानी शरीर पर तेल से मालिश करना।

वोकल कॉर्ड : जिस पर टिकी है आपकी आवाज की पिच और टोन, जानें कैसे करता है काम

IANS | October 21, 2025 6:25 PM

नई दिल्ली, 21 अक्टूबर (आईएएनएस)। वोकल कॉर्ड (स्वर यंत्र) मानव शरीर का एक अत्यधिक महत्वपूर्ण अंग है, जो हमारी आवाज उत्पन्न करने में प्रमुख भूमिका निभाता है। ये दो पतली मांसपेशियों की पट्टियां होती हैं जो लैरिंक्स (कंठ या वॉइस बॉक्स) के अंदर स्थित होती हैं। जब हम बोलते हैं या गाते हैं, तो फेफड़ों से निकली हवा इन पट्टियों से गुजरती है, जिससे कंपन (वाइब्रेशन) उत्पन्न होते हैं और यही कंपन हमारी आवाज का स्वर बनाते हैं।

पिप्पली : औषधीय गुणों का भंडार, जो कर दे हर रोग की छुट्टी

IANS | October 21, 2025 6:20 PM

नई दिल्ली, 21 अक्टूबर (आईएएनएस)। पिप्पली (पाइपर लॉन्गम) भारतीय आयुर्वेद में एक महत्वपूर्ण औषधि मानी जाती है, जिसे प्राचीन काल से विभिन्न रोगों के इलाज में उपयोग किया जाता रहा है। चरक संहिता में इसे ना केवल पाचन सुधारक, बल्कि शक्तिवर्धक और बल्य रसायन के रूप में वर्णित किया गया है।