'लक्ष्मण' नहीं, 'रामायण' के इस किरदार के लिए हुआ था सुनील लहरी का चयन, किस्मत से बने 'सुमित्रा नंदन'
मुंबई, 8 जनवरी (आईएएनएस)। रामानंद सागर की 'रामायण' भारतीय टेलीविजन का एक ऐसा क्लासिक धारावाहिक है, जिसने न केवल धार्मिक भावनाओं को छुआ, बल्कि दर्शकों के दिलों में स्थायी जगह बनाई। 1987-88 में दूरदर्शन पर प्रसारित इस शो ने वाल्मीकि रामायण की कहानी को घर-घर पहुंचाया।