नई दिल्ली, 4 मार्च (आईएएनएस)। अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच युद्ध से मध्य पूर्व में तनाव बढ़ने के कारण सोना समेत डॉलर से लेकर येन तक सुरक्षित मुद्राओं में तेजी आने की उम्मीद है। यह जानकारी बुधवार को जारी रिपोर्ट में दी गई।
डीबीएस बैंक की रिपोर्ट में कहा गया है कि निवेशकों के लिए सॉवरेन और कॉरपोरेट बॉन्ड के स्प्रेड बढ़ सकते हैं, जबकि निकट अवधि में मौद्रिक नीति यथावत बनी रहेगी।
डीबीएस बैंक के मुख्य अर्थशास्त्री, तैमूर बेग ने चेतावनी दी कि ईरानी नौसेना के युद्धपोतों से न्यूनतम खतरा होने के बावजूद, होर्मुज जलडमरूमध्य में माइन बिछाने की क्षमता शिपमेंट को धीमा कर सकती है, बीमा, शिपिंग लागत और ऊर्जा की कीमतें बढ़ा सकती है।
बेग ने कहा, “उत्तर में कुर्दों और दक्षिण में बलूचियों के साथ, शासन परिवर्तन युद्धों की समाप्ति की स्थितियों के साथ मेल खा सकता है, जिससे क्षेत्र के कई देश, तुर्की से लेकर इराक तक, इसमें खिंच सकते हैं।”
बैंक ने कहा कि होर्मुज के लंबे समय तक बंद रहने से वैश्विक तेल व्यापार में भारी व्यवधान आएगा, क्योंकि खाड़ी उत्पादकों देश का ज्यादातर तेल इसी मार्ग से गुजरता है।
इसमें कहा गया है कि पूर्ण संकट की स्थिति में, अमेरिका में रणनीतिक स्टॉक भी नुकसान की भरपाई के लिए अपर्याप्त होगा।
बैंक ने पूर्वानुमान लगाया कि जलडमरूमध्य के पूरी तरह अवरुद्ध होने की चरम स्थिति में कच्चा तेल 100-150 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकता है, जिससे मुद्रास्फीति की उम्मीदें बढ़ जाएंगी, फेड के लिए दरों में कटौती की गुंजाइश सीमित हो जाएगी और वैश्विक मंदी का खतरा बढ़ जाएगा।
रिपोर्ट कहा गया, "हम इस धारणा से सहमत नहीं हैं कि पोर्टफोलियो जोखिम विविधीकरण के रूप में चांदी सोने के विकल्प के रूप में कार्य कर सकती है क्योंकि चांदी की लगभग 60 प्रतिशत मांग औद्योगिक अनुप्रयोगों और छोटे बाजार आकार से होती है।"
--आईएएनएस
एबीएस/