स्वदेशी ड्रोन को और सुरक्षित बनाने के लिए रक्षा मंत्रालय का अहम कदम, ड्रोन टेस्टिंग के लिए सिक्योरिटी फ्रेमवर्क का ड्राफ्ट जारी
नई दिल्ली, 26 मार्च (आईएएनएस)। आधुनिक दौर के सबसे खतरनाक हथियारों में शामिल ड्रोन एक तरफ जहां वरदान साबित हो रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ इनकी तकनीक का दुरुपयोग नई समस्याएं भी पैदा कर रहा है। भारतीय सेना तेजी से ड्रोन वॉरियर्स तैयार कर रही है और स्वदेशी ड्रोन के जरिए अपनी ताकत भी बढ़ा रही है। हालांकि, सबसे बड़ी चुनौती ड्रोन में इस्तेमाल हो रहे चीनी और अन्य विदेशी पार्ट्स हैं। सेना लंबे समय से ड्रोन की टेस्टिंग के लिए एक ऐसा फ्रेमवर्क तैयार करने में जुटी थी, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि स्वदेशी ड्रोन पूरी तरह से सुरक्षित हों।