सीढ़ीदार भूलभुलैया में एक बावड़ी : 9वीं शताब्दी में बना राजस्थान का हैरत में डालता कुआं, 'प्रसन्नता की देवी' को है समर्पित

IANS | April 10, 2026 1:46 PM

जयपुर, 10 अप्रैल (आईएएनएस)। देश के कोने-कोने में ऐसे कई खूबसूरत वास्तुशिल्प के साथ बने आध्यात्मिक स्थल हैं, जो न केवल आंखों को राहत देते हैं बल्कि उसकी कथा उसके पीछे का विज्ञान हैरत में भी डालता है। ऐसा ही एक स्थल राजस्थान की राजधानी जयपुर से करीब 90 किलोमीटर दूर स्थित है। 9वीं शताब्दी में बना यह कुआं 'प्रसन्नता की देवी' को है समर्पित है, इस स्थल को सीढ़ीदार भूलभुलैया में बनी एक बावड़ी भी कहा जाता है।

जब बेगम अख्तर से पहली बार मिलने पहुंची थीं शांति हीरानंद, ‘कल आना’ कहकर शुरू हुई 25 साल की गुरु-शिष्या परंपरा

IANS | April 9, 2026 11:53 PM

मुंबई, 9 अप्रैल (आईएएनएस)। संगीत की दुनिया में गुरु-शिष्या परंपरा का अपना एक खास महत्व है। ऐसी ही एक प्रेरणादायक कहानी है पद्मश्री सम्मानित शास्त्रीय गायिका शांति हीरानंद की, जो दिवंगत बेगम अख्तर की प्रमुख शिष्या रही हैं। एक इंटरव्यू के दौरान शांति हीरानंद ने बेगम अख्तर से अपनी पहली मुलाकात का मजेदार किस्सा सुनाया था।

लखीमपुर खीरी की कुलदेवी: महाभारत के बाद श्रीकृष्ण ने खुद स्थापित की थी विष्णुप्रिया की प्रतिमा, रुक्मिणी ने यहीं की आराधना

IANS | April 9, 2026 11:21 PM

लखीमपुर खीरी, 9 अप्रैल (आईएएनएस)। धन, वैभव, सुख और शांति की देवी माता लक्ष्मी का देश भर में कई दिव्य मंदिर है, जहां दर्शन मात्र से भक्तों का कल्याण हो जाता है। ऐसा ही एक पावन मंदिर उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी शहर में स्थित है। यहां माता लक्ष्मी को शहर की कुलदेवी माना जाता है। लोक मान्यता है कि महाभारत युद्ध के बाद भगवान श्रीकृष्ण ने स्वयं यहां माता लक्ष्मी की प्रतिमा स्थापित की थी। रुक्मिणी ने इसी स्थान पर माता की आराधना की थी।

वेलियानाडु गांव: तन और मन को करना है रीसेट, केरल के इस गांव में शांति और प्रकृति का है अनोखा संगम

IANS | April 9, 2026 10:25 PM

नई दिल्ली, 9 अप्रैल (आईएएनएस)। गर्मियों की शुरुआत के साथ सभी लोग जून की छुट्टियों का इंतजार करते हैं क्योंकि पूरे साल की थकान को उतारने के लिए शांति और सुकून भी जरूरी है।

चेट्ट्येनचेरी महेश्वर मंदिर : यहां शक्ति के रूप में भगवान शिव पूजित, देवताओं के अवतार मनुष्य

IANS | April 9, 2026 9:41 PM

नई दिल्ली, 9 अप्रैल (आईएएनएस)। देवाधिदेव महादेव को शिवलिंग के रूप में पूजा जाता है, जबकि कुछ स्थानों पर उन्हें साक्षात और स्वयंभू प्रतिमा के रूप में भी पूजा जाता है।

केरल के खूबसूरत नजारों के बीच 65 एकड़ में फैला अनोखा डेस्टिनेशन, जहां मिलती है 'जटायु' की कहानी

IANS | April 9, 2026 2:11 PM

कोल्लम, 9 अप्रैल (आईएएनएस)। केरल की हरी-भरी वादियों और खूबसूरत नजारों के बीच एक ऐसा अनोखा पर्यटन स्थल है, जहां पौराणिक कथाएं, रोमांच और प्रकृति का सुंदर संगम देखने को मिलता है। यह है जटायु अर्थ सेंटर, जिसे जटायु नेचर पार्क या जटायु रॉक के नाम से भी जाना जाता है।

श्रीरामदूत का अद्भुत मंदिर, जहां मोदक खाते, पानी पीते हैं बजरंगबली, कोई नहीं भर सका मुखारविंद

IANS | April 8, 2026 5:55 PM

इटावा, 8 अप्रैल (आईएएनएस)। देश-दुनिया में श्रीराम दूत हनुमान के कई मंदिर हैं, जहां भक्ति की शक्ति के साथ ही उनकी निराली लीला भी देखने को मिलती है। उत्तर प्रदेश के इटावा में बजरंगबली का ऐसा ही मंदिर है, जहां वह मोदक खाते और पानी पीते हैं। मान्यता है कि आज तक उनके मुखारविंद को कोई नहीं भर सका है और मंदिर का यह रहस्य आज तक बना हुआ है।

नेरियमंगलम: प्रकृति की गोद में छिपा है रहस्यमयी गांव, वाटरफॉल और मसालेदार पेड़-पौधे का ले पाएंगे अनुभव

IANS | April 8, 2026 4:08 PM

नई दिल्ली, 8 अप्रैल (आईएएनएस)। जून की छुट्टियों का मौसम शुरू होने वाला है और अगर आप एक साथ सुकून और प्रकृति की मनमोहक छटा का नजारा लेना चाहते हैं, तो हम आपके लिए केरल की ऐसी जगह की जानकारी लेकर आए हैं, जो अपनी प्रकृति, वाटरफॉल, और मसालेदार पेड़-पौधों के लिए मशहूर है।

शास्त्रीय संगीत जगत के 'गंधर्व कुमार': बीमारी को मात देकर मंच पर वापसी करने वाले 'शिवपुत्र', 'धुनुगम राग' के साथ लाई क्रांति

IANS | April 7, 2026 11:19 PM

नई दिल्ली, 7 अप्रैल (आईएएनएस)। भारतीय शास्त्रीय संगीत जगत कई शानदार सितारों से जगमग है। खास बात है कि कई सितारे आज के समय में भले ही इस दुनिया में नहीं हैं, मगर उनकी कला और उनकी रचना प्रशंसकों के बीच खास बनी हुई है। ऐसे ही कलाकार थे बीमारी को मात देकर मंच पर शानदार वापसी करने वाले ‘शिवपुत्र’ पंडित कुमार गंधर्व।

काशी के इस प्राचीन मंदिर में विराजती हैं मां महिषासुर मर्दिनी, दिन में तीन बार बदलता है 'स्वप्नेश्वरी' का रुप

IANS | April 6, 2026 11:51 PM

नई दिल्ली, 6 अप्रैल (आईएएनएस)। बाबा विश्वनाथ की नगरी काशी में असंख्य प्राचीन मंदिर हैं। इन मंदिरों की महिमा अनोखी और चमत्कारिक है। काशी में हर कोने में भक्ति और चमत्कार की कहानियां बसी हुई हैं। असंख्य देवी-देवताओं के मंदिर यहां की आस्था को और गहरा बनाते हैं। इन्हीं में से एक प्राचीन और अद्भुत मंदिर है मां महिषासुर मर्दिनी का, इस मंदिर की खासियत यह है कि यहां माता स्वप्नेश्वरी का स्वरूप दिन में तीन बार बदलता है।