'मथुरा के कोतवाल' का अद्भुत मंदिर, जहां बाल कृष्ण के दर्शन को कैलाश से आए थे महादेव, दर्शन से मिटता है कष्ट

IANS | April 13, 2026 9:35 PM

मथुरा, 13 अप्रैल (आईएएनएस)। श्रीकृष्ण व देवाधिदेव महादेव के बीच प्रगाढ़ प्रेम को दर्शाते देश-विदेश में कई देवालय हैं। इन मंदिरों में भक्ति के साथ शक्ति के अद्भुत मिलन के साथ ही भक्ति का बेहद सरल स्वरूप भी देखने को मिलता है। ऐसा ही दिव्य मंदिर उत्तर प्रदेश के श्रीकृष्ण नगरी मथुरा में है, जहां महादेव शहर के कोतवाल या रक्षक के रूप में विराजमान हैं।

'देवभूमि' में भैरवनाथ का अद्भुत मंदिर: जहां भक्त न्याय के लिए डालते हैं याचिका, तुरंत मिलता है न्याय

IANS | April 13, 2026 3:16 PM

अल्मोड़ा, 13 अप्रैल (आईएएनएस)। भारत एक ऐसा देश है, जहां कई भव्य मंदिर और उनसे जुड़ी अद्भुत और हैरत में डालने वाली कथाएं भी हैं। ये केवल ईंट-पत्थरों से बने देवालय नहीं बल्कि भक्तों की आस्था, विश्वास का ठिकाना भी है। ऐसा ही एक भैरवनाथ का मंदिर देवभूमि उत्तराखंड के कुमाऊं क्षेत्र में स्थित है, जहां लोग अदालतों से निराश होकर न्याय की गुहार लगाते हैं। इस मंदिर को न्याय के देवता का मंदिर भी कहा जाता है।

नान्याजी महाराज मंदिर: यहां भोज में भगवान को अर्पित की जाती है टॉफी, रोग-परेशानियों से मिलती है मुक्ति

IANS | April 13, 2026 2:43 PM

मुंबई, 13 अप्रैल (आईएएनएस)। भारत देश के कोने-कोने मे ऐसे कई धार्मिक स्थल हैं, जहां भगवान को भोग में हलवा, खीर, मिठाई और 56 लगते हैं लेकिन राजस्थान के सीकर में एक ऐसा मंदिर है, जहां भगवान को चॉकलेट और टॉफी का भोज लगता है।

खेतों में रौनक और नववर्ष की शुरुआत: बैसाखी से पुथांडु तक उत्सवों का संगम

IANS | April 13, 2026 9:54 AM

नई दिल्ली, 13 अप्रैल (आईएएनएस): भारत विविधताओं का देश है और देश के हर राज्य में अलग रीति-रिवाजों का पालन किया जाता है। यहीं खूबसूरती और परंपराएं भारत को बाकी देशों से अलग बनाती है।

राजस्थान में भगवान देव नारायण की आस्था से जुड़ा अनोखा गांव, जहां नहीं लगते घरों में ताले

IANS | April 12, 2026 5:59 PM

नई दिल्ली, 12 अप्रैल (आईएएनएस)। देश-दुनिया के कोने-कोने में कई खूबसूरत और आस्था को प्रगाढ़ करते देवालय हैं, जिनके शिखर मात्र से भक्तों का मन प्रसन्न हो जाता है। मात्र देवालय या शिखर ही नहीं बल्कि मंदिर के आस पास की जगह भी बेहद खूबसूरत और उससे जुड़ी कथा हैरत में डालती है। ऐसा ही नारायण को समर्पित राजस्थान में एक खूबसूरत गांव है, जो नारायण को समर्पित है।

नागराज मंदिर: यहां भक्तों को प्रसाद में मिलती है जादुई रेत, दर्शन मात्र से दूर होता है काल सर्प दोष

IANS | April 11, 2026 4:58 PM

नई दिल्ली, 11 अप्रैल (आईएएनएस)। भारत की हर दिशा में 33 कोटि देवी-देवताओं के निवास स्थान और चमत्कारों से भरे मंदिर देखने को मिल जाएंगे। उत्तर से लेकर दक्षिण में जहां भगवान भोलेनाथ के अलग-अलग मंदिर और ज्योतिर्लिंग स्थापित हैं, वहीं नागराज के मंदिर भी देखने को मिल जाते हैं। जहां भक्त काल सर्प दोष से मुक्ति पाने के लिए आते हैं, लेकिन हम कन्याकुमारी के ऐसे मंदिर के बारे में बताएंगे, जहां भक्तों को प्रसाद के रूप में रेत दिया जाता है।

जोग फॉल्स: गर्मियों में एडवेंचर के शौकीनों के लिए खास जगह,1400 सीढ़ियां उतरकर मिलता है रोमांचक अनुभव

IANS | April 11, 2026 3:37 PM

नई दिल्ली, 11 अप्रैल (आईएएनएस)। भारत देश में प्रकृति से भरे स्थलों की कमी नहीं है, लेकिन कौन स्थल ज्यादा शांति और सुकून देने वाला है, इसको लेकर संशय हमेशा बना रहता है।

11वीं सदी में हुआ था इस सीढ़ीदार कुएं का निर्माण, उल्टे मंदिर जैसा दिखता है जल वास्तुकला का बेमिसाल प्रमाण, सौ के नोटों पर भी अंकित

IANS | April 11, 2026 3:16 PM

पाटन, 11 अप्रैल (आईएएनएस)। भारत एक ऐसा देश है, जिसके कोने-कोने में खूबसूरती है, वह प्रकृति की हो या मानव रचित सभी बेमिसाल हैं। बात प्राचीन वास्तुकला की हो तो उसके लिए दुनिया भर में मशहूर है। गुजरात राज्य में भी एक ऐसी अनोखी धरोहर है, जो सीढ़ीदार कुएं सा दिखता है और इसका निर्माण 11वीं सदी में हुआ था। यह सीढ़ीदार कुआं उल्टे मंदिर जैसा दिखता है और जल वास्तुकला का बेमिसाल नमूना है। यह इतना खास है कि भारतीय 100 रुपए के नोट पर भी इसकी तस्वीर अंकित है।

सलाउलिम बांध: सिर्फ समंदर ही नहीं, 'रंगीन सिंक होल' के लिए फेमस है गोवा, शांति और सुकून का मिलता है अनुभव

IANS | April 10, 2026 11:04 PM

नई दिल्ली, 10 अप्रैल (आईएएनएस)। गोवा का नाम आते ही सबसे पहले बीच और समंदर का नजारा आंखों के सामने आता है, लेकिन गोवा सिर्फ बीच और समंदर की लहरों तक ही सीमित नहीं है।

पाप, रोग और परेशानियों से मुक्ति दिलाएंगे उज्जैन के सप्तसागर, पुराणों में भी जिक्र

IANS | April 10, 2026 5:57 PM

नई दिल्ली, 10 अप्रैल (आईएएनएस)। हमारे देश में मंदिर से लेकर सरोवर तक का पौराणिक महत्व है। बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन में जितना महत्व महादेव के मंदिरों का है, उतना ही सप्त सागर का है।