मादक पदार्थों की तस्करी बढ़ने से देश की सुरक्षा को सीमाओं से लेकर समुद्री मार्गों पर रेड क्रिसेंट तक खतरा
नई दिल्ली, 31 दिसंबर (आईएएनएस)। देश के लिए एक गंभीर खतरा पैदा करने वाले मामले में भारत खुद को वैश्विक नशीले पदार्थों के व्यापार के जाल में फंसा हुआ पाता है। कथित खुफिया समर्थन के साथ ड्रग माफियाओं द्वारा संचालित हेरोइन और मेथमफेटामाइन की आमद न केवल लत को बढ़ावा दे रही है, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए निहितार्थ के साथ विघटनकारी गतिविधियों का वित्त पोषण भी कर रही है।