नई दिल्ली, 11 फरवरी (आईएएनएस)। पाकिस्तान बॉर्डर के पास भारतीय सेना के फाइटर जेट अपने निशाने साधने और तैयारियों को धार देने में जुटे हैं। यह तैयारी इस साल के पहले बड़े वायु सैन्य अभ्यास ‘वायु शक्ति’ के लिए है। पोखरण फील्ड एंड फायरिंग रेंज में 24 फरवरी को फुल ड्रेस रिहर्सल है तो 27 फरवरी को ‘वायु शक्ति’ का मेन डे होगा।
भारतीय वायुसेना के वाइस चीफ एयर मार्शल नागेश कपूर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि इस अभ्यास में 120 से ज्यादा एयरक्राफ्ट शामिल हैं, जिनमें फाइटर जेट, हेलिकॉप्टर और ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट सहित कई अन्य एसेट्स भी शामिल हैं। वायुसेना के मुताबिक, कुल 77 फाइटर जेट, 43 हेलिकॉप्टर और 8 ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट शामिल हैं। फाइटर जेट में राफेल, सुखोई-30, मिराज 2000, मिग-29, तेजस और जगुआर शामिल हैं।
‘ऑपरेशन सिंदूर’ में शामिल भारतीय वायुसेना के एसेट्स अपने निशाने साधने और एयर डिफेंस की तैयारियों की महारत को पेश करेंगी। इस अभ्यास में वायुसेना के वेस्टर्न और साउथ-वेस्टर्न कमांड के एयर बेस और एसेट्स हिस्सा ले रहे हैं। अटैक हेलिकॉप्टर ‘प्रचंड’ भी रॉकेट दागते हुए अपने निशानों को साधेगा। रियल वॉर जोन बनाकर पूरे अभ्यास को अंजाम दिया जाएगा। वायुसेना के इंटीग्रेटेड एयर कमांड एंड कंट्रोल सिस्टम से इसे मॉनिटर और कंट्रोल किया जाएगा।
फाइटर जेट के साथ साथ सी-130जे, सी-295, सी-17, चेतक, एएलएच एमके-IV, एमआई-17 IV, एलसीएच, अपाचे, चिनूक और रिमोटली पायलटेड एयरक्राफ्ट (RPA) को ऑपरेट किया जाएगा।इसके अलावा शॉर्ट रेंज लोइटरिंग म्यूनिशन्स , आकाश, स्पाइडर तथा काउंटर अनमैन्ड एरियल सिस्टम्स भी शामिल होंगी, जो दिन, शाम और रात्रि के मिशनों का संचालन करेंगी। पहली बार ‘वायु शक्ति’ अभ्यास में सी-295 नाइट असॉल्ट लैंडिंग ड्रिल को अंजाम देगा। इसके अलावा सी-130 जे सुपर हरक्यूलिस भी छोटे रनवे पर लैंड होकर गरुड़ कमांडो को वॉर जोन में उतारने के बाद कुछ ही समय में दोबारा टेकऑफ करता नजर आएगा।
चूंकि, यह अभ्यास भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास आयोजित किया जा रहा है, इसलिए नियम के अनुसार 'नोटम' भी जारी किया गया है। पाकिस्तान की तरफ से किसी भी नापाक हरकत का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए अटैक और डिफेंस के पूरे पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। इंटीग्रेटेड एयर कमांड एंड कंट्रोल सिस्टम पूरे एयरस्पेस को मॉनिटर करेगा। एयर डिफेंस की कई लेयर, जिनमें एंटी-एयरक्राफ्ट और एंटी-ड्रोन सिस्टम्स शामिल हैं, ऑपरेशनल रेडीनेस प्लेटफॉर्म के साथ तैयार रखी गई हैं।
--आईएएनएस
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