यादों में पन्नालाल घोष : जिनके बांसुरी में किए प्रयोग से बदल गया भारतीय शास्त्रीय संगीत का इतिहास
नई दिल्ली, 23 जुलाई (आईएएनएस)। 24 जुलाई सिर्फ कैलेंडर की एक तारीख नहीं, बल्कि भारतीय संगीत के इतिहास में एक ऐसे कलाकार को याद करने का दिन है, जिसने एक साधारण से वाद्य यंत्र बांसुरी को शास्त्रीय संगीत के बड़े मंच तक पहुंचा दिया। यह कहानी है महान बांसुरी वादक और संगीतकार पन्नालाल घोष की, जिन्हें भारतीय शास्त्रीय बांसुरी का अग्रदूत माना जाता है। उनकी वजह से बांसुरी सिर्फ लोक धुनों तक सीमित नहीं रही, बल्कि हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत में एक सम्मानित एकल वाद्य यंत्र बन गई।