नई दिल्ली, 20 मई (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर राहुल गांधी की विवादित टिप्पणी को लेकर राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। भाजपा शासित राज्यों के कई मुख्यमंत्रियों ने राहुल गांधी के बयान को अमर्यादित बताते हुए सार्वजनिक माफी की मांग की है।
यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि विभाजनकारी और तुष्टीकरण की राजनीति की जननी कांग्रेस के 'युवराज' की अमर्यादित टिप्पणी उनकी नकारात्मक राजनीति, असंयमित सोच और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति उनके अनादर को प्रदर्शित करती है। प्रधानमंत्री, केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रति उनकी घोर निंदनीय टिप्पणी 145 करोड़ देशवासियों के जनादेश, विश्वास और लोकतांत्रिक संस्कारों का भी अपमान है। कांग्रेस के 'युवराज' को अपने आपत्तिजनक, असंसदीय और कुंठाजनित वक्तव्य के लिए समूचे देश से सार्वजनिक रूप से क्षमा मांगनी चाहिए।
दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि ये बयान उनकी नाकामियों की वजह से आ रहे हैं। जिस संविधान की कॉपी लेकर राहुल गांधी घूमते हैं, कभी उसे पढ़ भी लेना चाहिए। जिस सदन के वो नेता प्रतिपक्ष हैं, उस सदन के नेता के लिए जब वो इस तरह की भाषा का इस्तेमाल करते हैं, तो यह उनकी नीच सोच और उनके संस्कार दिखाता है। देश जानता है कि किस नेता ने देश के साथ गद्दारी की है।
राजस्थान के सीएम भजनलाल शर्मा ने राहुल गांधी से तुरंत माफी मांगने की मांग करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री एवं गृह मंत्री पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा की गई अमर्यादित टिप्पणी अत्यंत निंदनीय है। लोकतंत्र में वैचारिक मतभेद हो सकते हैं, किंतु देश के शीर्ष नेतृत्व के प्रति इस प्रकार की अभद्र भाषा कांग्रेस की हताशा और निरंतर पतन की ओर जाती राजनीतिक सोच का प्रमाण है। राजनीतिक विरोध में अपनी मर्यादा एवं मानसिक संतुलन खो चुका विपक्ष केवल समाज को विभाजित करने और अराजकता फैलाने का कार्य कर रहा है।
हरियाणा के सीएम नायब सैनी ने भी राहुल गांधी के बयान पर तीखा हमला बोला। उन्होंने लिखा कि प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के प्रति राहुल गांधी द्वारा दिया गया बयान यह स्पष्ट करता है कि वह राजनीतिक विरोध में अपनी मर्यादा, संवेदनशीलता और मानसिक संतुलन खो चुके हैं। उनकी टिप्पणी ने केवल देश के सर्वोच्च संवैधानिक पदों का ही नहीं, बल्कि 140 करोड़ देशवासियों की भावनाओं और लोकतांत्रिक मूल्यों का भी अपमान किया है। राहुल गांधी को अपने इस गैर-जिम्मेदाराना बयान के लिए देश से सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए। साथ ही मानसिक संतुलन के लिए किसी बेहतर डॉक्टर से अपना इलाज करवाना चाहिए।
उत्तराखंड के सीएम पुष्कर सिंह धामी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा प्रधानमंत्री और गृह मंत्री पर की गई अमर्यादित टिप्पणी कांग्रेस की हताशा और गिरती राजनीतिक सोच को दर्शाती है। लोकतंत्र में विरोध का अधिकार है, लेकिन देश के सर्वोच्च नेतृत्व के लिए अपमानजनक भाषा का प्रयोग बेहद शर्मनाक है। जनता बार-बार कांग्रेस की नकारात्मक राजनीति को नकार चुकी है, फिर भी कांग्रेस केवल अराजकता और समाज को बांटने की राजनीति से बाहर नहीं निकल पा रही है।
बिहार के सीएम सम्राट चौधरी ने राहुल गांधी के बयान को निंदनीय बताते हुए कहा कि देश के लोकप्रिय प्रधानमंत्री के प्रति राहुल गांधी का बयान बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और उनकी अराजकतावादी सोच को दर्शाने वाला है। लगातार चुनावी हार और निराशा अब उनके शब्दों और व्यवहार में साफ दिखाई देने लगी है। गांधी परिवार ने अपने शासनकाल में सिर्फ भ्रष्टाचार किया और राष्ट्रीय सुरक्षा को ताक पर रखा, लेकिन ये रंग बदलने वाले देशहित और लोकतंत्र की बात किस मुंह से करते हैं। राहुल गांधी ने केवल प्रधानमंत्री का नहीं, बल्कि 140 करोड़ देशवासियों की भावनाओं का अपमान किया है। इस बेतुके बयान के लिए उन्हें सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए।
महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि राष्ट्रहित के लिए दृढ़ और निर्णायक फैसले लेने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह पर टिप्पणी करने वाली राहुल गांधी और कांग्रेस को जनता ने बार-बार बता दिया है कि असली ‘गद्दार’ कौन है। जनता द्वारा नकारे गए ‘रिजेक्टेड माल’ राहुल गांधी की ऐसे राष्ट्रनिष्ठ नेतृत्व पर टिप्पणी करने की कोई पात्रता नहीं है।
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि देश के हितों के प्रति यशस्वी प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ‘खुद्दार’ हैं। ऐसे कर्मनिष्ठ नेताओं को कांग्रेस नेता राहुल गांधी का ‘गद्दार’ कहना उनके मानसिक दिवालियापन को उजागर करता है। हर चुनावी हार के बाद राहुल गांधी का माथा हद से ज्यादा गर्म हो जाता है और वे अनाप-शनाप बयान देने लगते हैं। उन्हें यह भूलना नहीं चाहिए कि उनकी नेतागीरी में कांग्रेस ‘हार का शतक’ लगाने के करीब पहुंच चुकी है।
--आईएएनएस
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