चमोली, 20 मई (आईएएनएस)। अभिनेता और लेखक आशुतोष राणा ने सनातन धर्म के महत्वपूर्ण महीने यानी पुरुषोत्तम मास में बद्रीनाथ धाम के दर्शन किए। बुधवार को बद्रीनाथ पहुंचकर उन्होंने इस अवसर को अपना सौभाग्य बताया और चार धाम यात्रा को परम कल्याण का मार्ग भी बताया।
आशुतोष राणा ने बद्रीनाथ धाम में दर्शन के बाद अपने दिव्य अनुभव को साझा करते हुए कहा कि पुरुषोत्तम मास में चार धाम की यात्रा करना परम सौभाग्य की बात होती है, बद्रीनाथ और केदारनाथ के दर्शन करना उनके जीवन का सौभाग्य है।
उन्होंने कहा कि इस पावन मास में चार धाम यात्रा करना अत्यंत शुभ और कल्याणकारी होता है।
अभिनेता ने बद्रीनाथ धाम में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के बावजूद व्यवस्थाओं की खूब सराहना की। उन्होंने कहा कि लाखों श्रद्धालु यहां पहुंच रहे हैं, फिर भी किसी को कोई परेशानी नहीं हो रही है। आशुतोष राणा ने विशेष रूप से पुलिस और सीआईएसएफ जवानों की प्रशंसा करते हुए कहा कि सुरक्षा बल भक्तों और भगवान के बीच अवरोध बनने की बजाय सहायक की भूमिका निभा रहे हैं।
उन्होंने कहा, “भक्त और भगवान के बीच जितने भी अवरोध होते हैं, उन्हें पुलिस और सीआईएसएफ वाले बहुत शांति, कुशलता और प्रेमपूर्वक हटा रहे हैं। हजारों किलोमीटर की दूरी तय करके लोग अपने आराध्य के दर्शन के लिए आते हैं, ऐसे में यह समर्थन और स्नेह देखकर बहुत आनंद आया।”
आशुतोष राणा ने पूरे प्रशासन, सुरक्षा बलों और व्यवस्था में लगे सभी अधिकारियों-कर्मचारियों को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि इस बार पुरुषोत्तम मास में बद्रीनाथ यात्रा का अनुभव उनके लिए कभी न भूलने वाला रहा है।
बता दें, सनातन धर्म में नारायण को प्रिय पुरुषोत्तम मास को अत्यंत पवित्र और फलदायी माना जाता है। यह भगवान विष्णु की विशेष कृपा प्राप्त करने का दुर्लभ अवसर है। धार्मिक मान्यता है कि इस महीने में किया गया जप, तप, दान और व्रत का फल साधक को कई गुना बढ़कर मिलता है और जीवन में सुख-समृद्धि के साथ उन्नति भी आती है। इस महीने में मालपुए मिठाई के दान का भी विशेष महत्व है।
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