कोई भी बाहरी प्रभाव हमारे देश में सत्ता परिवर्तन नहीं ला सकता : अनीश गवांडे

कोई भी बाहरी प्रभाव हमारे देश में सत्ता परिवर्तन नहीं ला सकता: अनीश गवांडे

नई दिल्ली, 20 अक्टूबर (आईएएनएस)। आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के रिजीम चेंज वाले बयान पर एनसीपी (एसपी) नेता अनीश गवांडे ने कहा कि कोई भी बाहरी प्रभाव हमारे देश में सत्ता परिवर्तन नहीं ला सकता है।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष श्री विजयादशमी उत्सव का आयोजन नागपुर में हुआ। इस मौके पर संघ प्रमुख डॉ. मोहन भागवत ने देश, समाज और दुनिया के मौजूदा हालात पर विस्तार से बात की। कार्यक्रम की शुरुआत स्वयंसेवकों के पथ संचलन से हुई, जिसमें भागवत भी मौजूद रहे।

संबोधन में मोहन भागवत ने फ्रांस, अल्बानिया, नेपाल और बांग्लादेश के विरोध-प्रदर्शनों का जिक्र किया और रिजीम चेंज की राजनीति पर बयान दिया।

मोहन भागवत ने कहा कि एक पश्चिम से आंधी चली है जो हर प्रकार की भद्रता, व्यवस्था, संस्कार का विरोध करती है और उसे नष्ट करना चाहती है। देखिए फ्रांस में क्या हो रहा है, अल्बानिया में क्या हो रहा है, नेपाल, बांग्लादेश में क्या हुआ। वे कहते हैं रिजीम चेंज करने से परिस्थिति बदलेगी। लेकिन ऐसा कभी हुआ नहीं है। पहले नहीं हुआ, आज भी नहीं होगा।

नई दिल्ली में आईएएनएस से बातचीत में एनसीपी (एसपी) नेता अनीश गवांडे ने कहा कि मैं मोहन भागवत को आश्वस्त करना चाहता हूं कि भारत में कभी सत्ता परिवर्तन नहीं हुआ है और न ही कभी हो सकता है। कोई भी बाहरी प्रभाव हमारे देश में सत्ता परिवर्तन नहीं ला सकता। मुझे हमारे लोकतंत्र पर भरोसा है, और मुझे उम्मीद है कि भागवत जी को भी हमारे लोकतंत्र पर भरोसा होगा। उन्हें यह भी देखना चाहिए कि अगर आज वे छात्रों के प्रदर्शन को रिजीम चेंज कह रहे हैं तो संघ का इतिहास देखना चाहिए।

विपक्ष की परिसीमन पर सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग पर उन्होंने भाजपा पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि भाजपा को सर्वदलीय बैठक का कोई औचित्य दिखाई नहीं देता है। भाजपा को औचित्य तो सिर्फ तानाशाही में दिखाई देता है, जहां भाजपा फैसला लेती है।

उन्होंने कहा कि इससे पहले हमने कई मुद्दों पर बैठक बुलाने की मांग की, लेकिन नहीं सुनी गई। इसीलिए, विपक्ष तंग आ चुका है और सड़कों पर उतर रहा है। चुनाव आयोग को लेकर संसद का विशेष सत्र बुलाया जाना चाहिए।

सीजेपी नेताओं के जेल जाने पर उन्होंने कहा कि कानून का दुरुपयोग करके नौजवानों को अंदर रखने का षड्यंत्र रचा जा रहा है।

--आईएएनएस

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