नई दिल्ली, 20 अक्टूबर (आईएएनएस)। एप्पल इंडिया प्राइवेट लिमिटेड की आय मार्च 2026 में समाप्त वित्त वर्ष में पहली बार 1 लाख करोड़ रुपए के आंकड़े को पार कर गई है। इसकी वजह देश में प्रीमियम स्मार्टफोन की मांग में इजाफा होना है।
एप्पल इंडिया की ओर से रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज (आरओसी) में फाइल किए गए दस्तावेजों के हवाले से बिजनेस इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म एएलटीइन्फो की रिपोर्ट में बताया गया कि वित्त वर्ष 2026 में कंपनी की परिचालन से आय सालाना आधार पर 31 प्रतिशत बढ़कर 1,03,853 करोड़ रुपए हो गई है, जबकि वित्त वर्ष 2025 में यह 79,060 करोड़ रुपए थी। यह वृद्धि पिछले वित्त वर्ष में दर्ज 18 प्रतिशत की बढ़ोतरी से काफी अधिक है।
कंपनी के शुद्ध मुनाफे में इससे भी तेज वृद्धि हुई। वित्त वर्ष 2026 में शुद्ध मुनाफा 66 प्रतिशत बढ़कर 5,311 करोड़ रुपए हो गया, जबकि एक साल पहले यह 3,196 करोड़ रुपए था। वित्त वर्ष 2025 में एप्पल इंडिया के मुनाफे में 16 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई थी।
कंपनी का यह मजबूत प्रदर्शन ऐसे समय में आया है, जब भारत के कुल स्मार्टफोन बाजार में अपेक्षाकृत सीमित विस्तार हुआ है। काउंटरपॉइंट रिसर्च के अनुसार, वित्त वर्ष 2026 में स्मार्टफोन बाजार में बिक्री की मात्रा के लिहाज से केवल 2 प्रतिशत और मूल्य के लिहाज से 9 प्रतिशत की वृद्धि हुई। हालांकि, 30,000 रुपए से अधिक कीमत वाले स्मार्टफोन के प्रीमियम सेगमेंट ने व्यापक बाजार की तुलना में बेहतर प्रदर्शन किया और इसकी बिक्री की मात्रा में 12 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई।
महंगे स्मार्टफोन की ओर ग्राहकों के बढ़ते रुझान का एप्पल को फायदा मिला। वित्त वर्ष 2026 में आईफोन की बिक्री की मात्रा में 24 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जबकि वित्त वर्ष 2025 में यह वृद्धि 11 प्रतिशत थी।
ताजा नतीजों के साथ एप्पल इंडिया की आय घरेलू बाजार में उसके प्रमुख प्रतिस्पर्धी सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स इंडिया की आय के करीब पहुंच गया है। सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स इंडिया ने वित्त वर्ष 2026 में 1.12 लाख करोड़ रुपए की आय दर्ज की, जो एप्पल इंडिया के कुल आय से थोड़ा अधिक है।
हालांकि, दोनों कंपनियों के आय के आंकड़ों की सीधे तुलना नहीं की जा सकती, क्योंकि सैमसंग का कारोबार स्मार्टफोन से कहीं अधिक व्यापक है। इसमें टेलीविजन, घरेलू उपकरण, दूरसंचार नेटवर्क उपकरण और निर्यात भी शामिल हैं। रिपोर्टों के अनुसार, वित्त वर्ष 2026 में सैमसंग के मोबाइल फोन कारोबार का आय 1.4 प्रतिशत घटकर 81,472 करोड़ रुपए रह गया।
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