मुंबई, 20 अक्टूबर (आईएएनएस)। फिल्म 'सहिया' के निर्माता एवं निर्देशक संजय शर्मा ने अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर हुई गोलीबारी की कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि फिल्म उद्योग से जुड़े लोगों को निशाना बनाने की घटनाएं बेहद गंभीर और चिंताजनक हैं। उन्होंने महाराष्ट्र सरकार और मुंबई पुलिस से कलाकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने, धमकियों पर तत्काल कार्रवाई करने तथा संगठित आपराधिक गिरोहों के खिलाफ कठोर कदम उठाने की मांग की है।
संजय शर्मा ने कहा कि किसी कलाकार पर हमला पूरे फिल्म जगत के भीतर असुरक्षा पैदा करता है। कलाकार अपनी मेहनत और प्रतिभा से लोगों का मनोरंजन करते हैं, देश को पहचान देते हैं, और लाखों लोगों की आजीविका से जुड़े उद्योग को आगे बढ़ाते हैं। उन्हें डर और धमकियों के साये में काम करने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता।
उन्होंने कहा कि फिल्म उद्योग पहले भी धमकियों, जबरन वसूली और हमलों का दौर देख चुका है। उस दौर की दहशत दोबारा लौटने देना बेहद खतरनाक होगा। किसी अभिनेता, निर्माता, निर्देशक, गायक या अन्य फिल्मकर्मी को यह सोचकर घर से नहीं निकलना चाहिए कि उसकी जान को खतरा हो सकता है।
शर्मा ने कहा कि मुंबई सपनों और रचनात्मकता का शहर है। यहां लोग सिनेमा बनाने आते हैं, अपनी जान बचाने की लड़ाई लड़ने नहीं। फिल्म जगत में भय का माहौल बनने का असर कलाकारों के परिवारों, शूटिंग पर मौजूद कर्मचारियों और पूरे कामकाज पर पड़ता है। सरकार को ऐसा भरोसा पैदा करना होगा कि अपराधियों की धमकियों से किसी का काम और जीवन नहीं रुकेगा।
उन्होंने कलाकारों को मिल रही धमकियों के मामलों में खुफिया तंत्र को और मजबूत करने की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि सुरक्षा व्यवस्था केवल घटना हो जाने के बाद सक्रिय होने तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। खतरे की समय रहते पहचान, धमकी देने वालों की निगरानी और संबंधित एजेंसियों के बीच सूचनाओं का त्वरित आदान-प्रदान आवश्यक है।
संजय शर्मा ने कहा कि जिन कलाकारों या फिल्मकर्मियों को धमकियां मिल रही हैं, उनके खतरे का तत्काल आकलन कर आवश्यक सुरक्षा उपलब्ध कराई जाए। साथ ही, शिकायत दर्ज कराने और पुलिस से मदद लेने की ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए, जिसमें पीड़ित व्यक्ति बिना झिझक अपनी बात रख सके और उसे कार्रवाई की जानकारी भी मिले।
उन्होंने कहा, जो गैंगस्टर फिल्म उद्योग के लोगों को धमकाते हैं, उनके खिलाफ कानून के तहत कठोर कार्रवाई होनी चाहिए। हमले को अंजाम देने वालों के साथ उसकी साजिश रचने, हथियार उपलब्ध कराने, आर्थिक मदद देने और धमकियां पहुंचाने वाले पूरे नेटवर्क तक जांच पहुंचनी चाहिए। अपराधियों को स्पष्ट संदेश मिलना चाहिए कि किसी कलाकार को डराकर वे कानून से बच नहीं सकते।
शर्मा ने फिल्म संगठनों से भी कलाकारों और कर्मचारियों की सुरक्षा के मुद्दे पर एकजुट होकर सरकार तथा पुलिस के साथ समन्वय करने की अपील की। उन्होंने कहा कि सुरक्षित माहौल हर कलाकार और फिल्मकर्मी का अधिकार है।
हम टाइगर श्रॉफ और उनके परिवार के साथ खड़े हैं। इस घटना की निष्पक्ष और गहन जांच हो तथा जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। फिल्म उद्योग को सुरक्षा का ठोस भरोसा चाहिए। दहशत को सामान्य स्थिति मान लेना किसी भी सभ्य समाज के लिए स्वीकार्य नहीं हो सकता।
--आईएएनएस
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