गणित पढ़ना चाहते थे एस राधाकृष्णन, उनकी अध्यक्षता में बना था स्वतंत्र भारत का पहला शिक्षा आयोग
नई दिल्ली, 4 सितंबर (आईएएनएस)। 5 सितंबर 1888 को तमिलनाडु के एक छोटे से गांव तिरुत्तनी में जन्मे सर्वपल्ली राधाकृष्णन का बचपन आर्थिक तंगी और गरीबी में बीता। एक रूढ़िवादी ब्राह्मण परिवार से ताल्लुक रखने वाले उनके पिता चाहते थे कि उनका बेटा अंग्रेजी शिक्षा ग्रहण करने के बजाय मंदिर का पुजारी बन जाए। लेकिन, राधाकृष्णन की बौद्धिक क्षमता इतनी प्रखर थी कि उन्होंने प्रारंभिक स्कूली शिक्षा से लेकर मद्रास क्रिश्चियन कॉलेज तक का पूरा सफर केवल स्कॉलरशिप (छात्रवृत्ति) के दम पर तय किया।