April 28, 2026 4:58 PM
सूरत में तापी नदी पर बना उकाई डैम दक्षिण गुजरात की लाइफलाइन है। पांच दशक पहले 1972 में स्थापित यह डैम बीते 54 वर्षों से गुजरात के विकास और समृद्धि में अपना महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। इंजीनियरिंग कौशल के बेजोड़ उदाहरण उकाई डैम को ‘वल्लभ सागर’ के नाम से भी जाना जाता है। डैम की कुल लंबाई 4900 मीटर है, जबकि ऊंचाई 345 फीट है, यानी करीब 30 मंजिल इमारत के बराबर है। डैम का कैचमेंट एरिया लगभग 62,225 वर्ग किलोमीटर है और इसकी वाटर स्टोरेज कैपेसिटी 7,414 मिलियन क्यूबिक मीटर है। उकाई डैम से सूरत, तापी, नवसारी और वलसाड समेत दक्षिण गुजरात के कई जिलों की करीब 3.31 लाख हेक्टेयर जमीन पूरे साल सिंचित होती है। किसान इस डैम को किसी आशीर्वाद से कम नहीं मानते हैं। बीते दशकों में उकाई जलाशय दक्षिण गुजरात को रोशन करने वाला एक बहुत बड़ा 'पावर बैंक' भी साबित हुआ है। उकाई डैम पर कुल 305 मेगावाट कैपेसिटी की हाइड्रो पावर यूनिट संचालित हो रही हैं। बीते सात वर्षों में इनमें करीब 3000 मिलियन यूनिट बिजली पैदा की गई है, जिसकी कीमत लगभग 1000 करोड़ रुपये है।#UkaiDam #Gujarat #SouthGujarat #Surat #TapiRiver #WaterResource #Irrigation #HydroPower #Development #GreenGujarat #Farmers