खिड़की पर बैठे उल्लू ने बदली निर्देशक सत्यजीत रे की किस्मत! 3 साल बाद रिलीज हुई अटकी हुई फिल्म
मुंबई, 1 मई (आईएएनएस)। हिंदी सिनेमा में कई ऐसे निर्देशक हुए, जिन्होंने इसे आगे ले जाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया, लेकिन कुछ निर्देशकों की वजह से हिंदी सिनेमा और क्षेत्रीय फिल्मों को अंतरराष्ट्रीय मंच मिला। उन्हीं निर्देशकों में से एक थे सत्यजीत रे, जिनके लहू में कला और कलम में लेखन की अद्भुत शक्ति थी।