पितृपक्ष में कौवे को भोजन खिलाने से जुड़ी है ये पौराणिक कथा और मान्यता
नई दिल्ली, 26 सितंबर (आईएएनएस)। पूर्वजों के प्रति श्रद्धा और कृतज्ञता व्यक्त करने वाला पितृ पक्ष शनिवार से शुरू हो चुका है। भाद्रपद मास की पूर्णिमा से लेकर आश्विन मास की अमावस्या तक का समय श्राद्ध एवं पितृ पक्ष कहलाता है। पितृ पक्ष के दौरान पितरों की मृत्यु तिथि पर श्राद्ध पितृ दोष से मुक्ति मिलती है। पितरों के श्राद्ध का भोजन कौवे को खिलाने की परंपरा है।