पाकिस्तान से आए शरणार्थियों ने रांची में किया था पहला रावण दहन, जानें दशहरे से जुड़ी पौराणिक मान्यताएं
नई दिल्ली, 19 अक्टूबर (आईएएनएस)। दशहरे पर रावण दहन सिर्फ एक पुतला जलाने की परंपरा नहीं, बल्कि बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। हर साल विजयादशमी के दिन देशभर में रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के विशाल पुतले जलाए जाते हैं, जो यह संदेश देते हैं कि अहंकार, अन्याय और बुराई चाहे कितनी भी बड़ी क्यों न हो, अंत में सत्य और धर्म की ही जीत होती है। हिंदू धर्म ग्रंथों में दशहरा का पर्व मनाने को लेकर कई पौराणिक कथाएं प्रचलित हैं।